एकतरफ देश के कई शहरों में कोरोना फिर से दस्तक देने लगा है तो दूसरी ओर दादरी जिला स्वास्थ्य विभाग अब तक एलटी की कमी से जूझ रहा है। जिले में एलटी (लैब तकनीशियन) के करीब 75 फीसदी पद खाली पड़ी हैं और इसका खामियाजां मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी ओर कोरोना की संभावित चौथी लहर में एलटी की कमी का दंश ओर ज्यादा खलेगा। इस समय जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए महज आठ ही एलटी तैनात हैं जबकि विभाग को करीब 20 एलटी की दरकार है।
दादरी जिले की अगर बात करें तो कोरोना की तीसरी लहर में छह एलटी अनुबंध पर लगाए गए थे। गत एक अप्रैल से इनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी है। अनुबंध पर लगाए गए एलटी के अलावा जिले में आठ स्थायी एलटी तैनात हैं। यह संख्या स्वास्थ्य केंद्रों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। जिला अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और तीन सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर एलटी की तैनाती का प्रावधान है। लैब तकनीशियन की संख्या जिले में कम होने के चलते कुछ पीएचसी पर तो एलटी ही तैनात नहीं हैं और इसका सीधे तौर पर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। मातृ-शिशु अस्पताल और सिविल अस्पताल पर शहर की 80 हजार की आबादी निर्भर है, जबकि सीएचसी और पीएचसी पर करीब साढ़े चार लाख की ग्रामीण आबादी निर्भर है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वो उच्चाधिकारियों के समक्ष एलटी की समस्या रखते हुए तैनाती के लिए डिमांड भेज चुके हैं।
- ये कार्य हो रहे प्रभावित
पीएचसी और सीएचसी में भी मरीज के हीमोग्लोबिन, टीबी, एचआईवी समेत अन्य बीमारियों के सैंपलों की जांच की जाती है। एलटी के कोरोना सैंपलिंग करने के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सैंपल देने के लिए दादरी सिविल अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है, जबकि पहले उन्हें यह सुविधा गांव के पीएचसी या सीएचसी पर ही मिल जाती थी।
- एलटी की कमी, 15 से 17 सैंपल लिए जा रहे प्रतिदिन
जिले में एलटी की कमी का असर पर सैंपलिंग पर भी नजर आ रहा है। अप्रैल माह की अगर बात करें तो सैंपलिंग की रफ्तार बहुत कम हो गई है। अब स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन 15 से 17 सैंपल ले रहा है जबकि अनुबंध के एलटी की सेवाएं लेने के समय दैनिक सैंपलिंग 400 से अधिक थी।
- मॉलीकुलर लैब बंद, रोहतक भेजे जा रहे सैंपल
गत एक अप्रैल से कोविड स्टाफ के करीब 36 कर्मचारियों को विभाग हटा चुका है। इनमें छह एलटी भी थे। इनकी सेवाएं समाप्त होने के बाद से मॉलीकुलर लैब बंद है और मजबूरीवश विभाग प्रतिदिन के सैंपल रोहतक पीजीआई भेज रहा है। जिले में चौथी लहर की दस्तक से पहले एलटी की कमी को दूर करना और मॉलीकुलर लैब को शुरू करना बेहद जरुरी है।
- आठ माह में भेजी आठ बार डिमांड
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार एलटी की तैनाती की डिमांड जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार की जा रही है। पिछले आठ माह की अगर बात करें तो आठ डिमांड भेजी गई हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
- सीएमओ सुदर्शन पंवार से एलटी की कमी पर सवाल-जवाब
सवाल: जिले मे एलटी की कमी है और इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है?
जवाब: हमारे पास इस समय करीब आठ एलटी हैं। जिले में और एलटी तैनात करने की डिमांड हम भेज चुके हैं।
सवाल: मॉलीकुलर लैब भी गत एक अप्रैल से बंद है, क्या कहेंगे?
जवाब: अनुबंध पर रखा गया कोविड स्टाफ हटाने की वजह से लैब बंद है। हम जांच के लिए सैंपल रोहतक भेज रहे हैं।
सवाल: बिना एलटी के कोरोना की चौथी लहर से जंग कैसे लड़ेंगे?
जवाब: कोरोना की तीन लहरों में हमले कई संसाधन जुआ हैं और उम्मीद है कि एलटी की जल्द तैनाती हो जाएगी।
सवाल: एलटी की कमी को लेकर क्या आप डिमांड भेज चुके हैं?
जवाब: हमने आठ एलटी के अलावा चालकों की डिमांड भी करीब दस दिन पहले मुख्यालय भेज दी है।