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मेडिकल स्टोर्स से मास्क और सिनेटाइजर्स गायब

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मेडिकल स्टोर पर जांच करती टीम। - फोटो : CharkhiDadri
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कोरोना वायरस को लेकर जिला प्रशासन एडवाइजरी जारी कर चुका है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग तैयारियां पूरी होने का दम भर रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि आमजन अगर मेडिकल स्टोर पर जाकर मास्क या सिनेटाइजर खरीदना चाहे तो उपलब्ध नहीं है। यह बात सोमवार को खाद्य पूर्ति एवं नियंत्रण विभाग के निरीक्षण में सामने आई।
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सोमवार को विभाग की टीम में शामिल अधिकारी ग्राहक बनकर नौ मेडिकल स्टोर पर पहुंचे जिनमें से आठ पर मास्क और सिनेटाइजर का स्टॉक खत्म मिला जबकि नौंवे ने थ्री-लेयर मास्क का रेट पंद्रह रुपये बताया। उक्त मेडिकल स्टोर संचालक मास्क और सिनेटाइजर का बिल टीम के सामने पेश नहीं कर पाया। अमर उजाला ने शहर में चल रही मास्क और कालाबाजारी का मुद्दा 16 मार्च के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने खाद्य पूर्ति एवं नियंत्रक विभाग की टीमें गठित करने के आदेश दे दिए। दोपहर करीब एक बजे दो टीमें मेडिकल स्टोर पर जांच करने के लिए कार्यालय से एकसाथ निकलीं। एक टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर यक्ष कुमार ने की तो दूसरी का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर रविंद्र ने किया।
टीमों के निरीक्षण के दौरान मास्क और सिनेटाइजर के रेट में बढ़ोतरी तो सामने आई लेकिन शहर के मेडिकल स्टोरों पर मास्क और सेनिटाइजर का स्टॉक खत्म होने की बात सामने आने से जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। टीम में शामिल अधिकारियों के अनुसार नौ मेडिकल स्टोर पर जांच की गई जिनमें से दो मेडिकल स्टोर के संचालकों के पास सिनेटाइजर और मास्क का स्टॉक ही नहीं मिला। वहीं, नौंवे ने थ्री-लेयर मास्क के पंद्रह रुपये मांगे जबकि सिनेटाइजर की उसके पास तीन शीशियां ही मिलीं। उक्त मेडिकल स्टोर संचालक टीम के सामने मास्क और सिनेटाइजर का बिल भी पेश नहीं कर पाया। दोनों टीमों ने करीब दो घंटे तक शहर में कार्रवाई की।
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शहर में हैं 100 से अधिक मेडिकल स्टोर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में मेडिकल स्टोर की संख्या 100 से अधिक है। इनमें से सोमवार को दस मेडिकल स्टोर पर चैकिंग की गई। नौ के सिनेटाइजर और मास्क का स्टॉक खत्म बताने से टीम भी सकते में आ गई। वहीं, डीसी श्यामलाल पूनिया ने स्पष्ट किया टीमें लगातार अभियान चलाएंगी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह ही इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।
इन मेडिकल स्टोर पर पहुंची टीम
सोमवार दोपहर खाद्य पूर्ति एवं नियंत्रक विभाग की दो टीमों ने बस स्टैंड रोड, रोहतक रोड, पुरानी अनाज मंडी, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र आदि जगहों पर जांच की। टीमें गर्ग मेडिकल स्टोर, गर्ग मेडिकल एजेंसी, रमेश एंड संस, गुप्ता मेडिकल स्टोर, राज मेडिकल स्टोर, गाबा मेडिकल स्टोर, विजय मेडिकल हॉल, गुप्ता मेडिकल स्टोर व अग्रवाल मेडिकल स्टोर पर मास्क और सेनिटाइजर का स्टॉक जांचने पहुंची।
सिनेटाइजर पर एमआरपी 750 रुपये, मांगे 350
एक टीम की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर यक्ष कुमार ने बताया किएक मेडिकल स्टोर पर ही मास्क और सिनेटाइजर का स्टॉक पाया गया। उन्होंने बताया कि वहां 150 थ्री-लेयर मास्क और तीन 500 एमएल सेनिटाइजर की शीशियां मिलीं। उक्त मेडिकल स्टोर संचालक ने एक मास्क के 15 और सेनिटाइजर के 350 रुपये मांगे। सेनिटाइजर की जांच की गई तो एमआरपी 750 रुपये लिखा मिला। एमआरपी से इतना सस्ता सेनिटाइजर बेचना भी किसी झोल की ओर इशारा कर रहा है।
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वर्जन:::
हमारी टीमों ने सोमवार को नौ मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया जिनमें से आठ पर सेनिटाइजर और मास्क का स्टॉक खत्म पाया गया। नौंवेमेडिकल स्टोर पर 150 मास्क और तीन सिनेटाइजर की शीशियां मिली। हम अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज देंगे। निरीक्षण लगातार जारी रहेगा।
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