चरखी दादरी। शहर के वार्ड 21 स्थित टैगोर स्कूल वाली गली में पिछले लंबे समय से सीवर समस्या बनी है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी नतीजा सिफर है। इसके चलते लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने जिला प्रशासन से समस्या पर संज्ञान लेकर स्थायी समाधान करवाने की मांग की है।
वार्डवासियों ने बताया कि वे पिछले दो साल से सीवर समस्या का नियमित अंतराल पर दंश झेल रहे हैं। सीवर मैनहोल से निकला दूषित पानी मुख्य गली और घरों के सामने भरा हुआ है, जिसके चलते माहौल दुर्गंधमय बना है। वार्डवासियों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वो अतिरिक्त उपायुक्त से भी मिल चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके समस्या का समाधान अब क नहीं हो पाया है।
लोग बोले- अधर में लटकी सीवर मैनहोल की सफाई
- होली से पहले टैगोर पब्लिक स्कूल के पास जनस्वास्थ्य विभाग ने 4 सीवर मैनहोल की सफाई करवाई थी। इसके आगे की सफाई होली बाद करवाने का आश्वासन दिया गया था। अभी तक बाकी बचे सीवर मैनहोल की सफाई नहीं हो पाई है, जिसके कारण सीवर ओवरफ्लो होने से दूषित पानी घरों के सामने भरा है। दिलवर सिंह, वार्डवासी
अतिरिक्त उपायुक्त को शिकायत देने के बाद कर्मचारी सीवर मैनहोल की सफाई के लिए आए थे, लेकिन उन्होंने केवल सीवर मैनहोल में बांस की लकड़ी से गंदगी को आगे कर अपने कार्य से पल्ला झाड़ लिया। सीवरमैन अगर मैनहोल की सही से सफाई करे तो समस्या का सामना नही करना पड़े। - प्रदीप कुमार, वार्डवासी
घरों से बाहर निकलते समय दूषित पानी से गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे व बुजुर्ग संतुलन बिगड़ने से गिरकर घायल हो चुके हैं। क्षेत्र में दुर्गंध का माहौल बना हुआ है और लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। विभाग व प्रशासन को समस्या का जल्द से जल्द समाधान करबाना चाहिए। - गीता देवी, वार्डवासी
गली में 120 फुट की दूरी में 3 सीवर मैनहोल ओवरफ्लाे कर रहे हैं। इसके चलते दूषित पानी भरा हुआ है। यहां से गुजरने वाले लोग बेहद परेशान हैं। जलभराव रहने से गली को भी नुकसान पहुंच रहा है। विभाग को संज्ञान लेकर समस्या का स्थायी समाधान कर वार्डवासियों को राहत देनी चाहिए। - नीलम देवी, वार्डवासी
टैगोर पब्लिक स्कूल में वाली गली में कुछ मैनहोल की सफाई करवा दी गई है। बाकी बचे मैनहोलों की भी जल्द सफाई करवा दी जाएगी। फिलहाल हमने सीवर मैनहोल से पानी निकालने का अस्थायी प्रबंध किया हुआ है। -बृजेश जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग