चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की अगुवाई में संयुक्त दल ने शुक्रवार सुबह दो कृषि भंडारों और गोदामों पर छापा मारा। करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई में विभिन्न बिंदुओं पर जांच की गई। इस दौरान गोदाम संचालकों की लापरवाही भी उजागर हुई। इस पर संज्ञान लेकर कृषि विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
एसआई राजबीर सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता सुबह करीब 10 बजे दादरी पहुंचा। यहां से गुप्तचर विभाग, कृषि विभाग, विषय विशेषज्ञ और गुणवत्ता नियंत्रक स्टाफ को साथ लेकर सुबह 11 बजे छापा मारा। संयुक्त दल पहले पुरानी अनाज मंडी स्थित हरित कृषि भंडार के चंपापुरी क्षेत्र में बने गोदाम पर पहुंचा। नई अनाज मंडी स्थित हरित स्टोर के गोदाम में भी यूरिया भंडार का निरीक्षण किया गया।
टीम में शामिल सदस्यों ने बताया कि चंपापुरी स्थित हरित कृषि भंडार के गोदाम में निरीक्षण के दौरान नवीन कुमार हाजिर मिले। उनकी मौजूदगी में टीम ने निरीक्षण शुरू किया और गोदाम में यारा फर्टिलाइजर, एनएफएल, सीएफसीएल के 2,404 बैग पाए गए और पीओएस अनुसार भंडार सही मिला। लाइसेंस की जांच करने पर वैधता 28 जनवरी 2026 तक मिली। कैश मेमो में भी सभी एंट्री सही पाई गईं।
दूसरे गोदाम में यह मिला भंडार
संयुक्त दल ने चिड़िया रोड स्थित हरित भंडार के गोदाम का निरीक्षण किया और वहां रवि गर्ग हाजिर मिला। गोदाम में एनएफएल यूरिया के 4,022 कट्टे, सीएफसीएल यूरिया के 4,038 कट्टे, भारा यूरिया के 1,110 कट्टे और एचओआरएल यूरिया के 2,485 कट्टे पीओएस स्टॉक के अनुसार सही मिले। संचालक ने टीम के समक्ष लाइसेंस भी पेश किया।
-गोदाम में मिले यूरिया के खराब और जमे बैग
निरीक्षण के दौरान गोदाम में काफी मात्रा में रखे कट्टों में यूरिया जमा और खराब मिला, जबकि डीएपी के लिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूछताछ में पता चला कि ये कट्टे खरीफ सत्र में आए थे। इनकी बिक्री न करके नई खेप की मांग भेजी गई। संचालक की मनमानी के कारण किसानों को यूरिया से वंचित रहना पड़ा। कृषि विभाग की पुराने भंडारण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।