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कोरोना का प्रकोप झेलने वाला भागवी अब जलभराव से त्रस्त

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मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अंकित और भाकियू पदाधिकारी। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। भागवी के ग्रामीण जलभराव की समस्या से त्रस्त हैं। आलम ये है कि गांव से बाहर जाने वाले तीनों मुख्य रास्तों पर तीन से चार फुट पानी भरा है, जबकि दस गलियां भी जलमग्न हैं। करीब ढाई हजार एकड़ फसल जलमग्न होने से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायत विभाग से स्पेशल गिरदावरी समेत पानी निकासी करवाने की गुहार लगाई है। भागवी गांव में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी कई मौतें हुई थीं और जलभराव होने से ग्रामीण अब दोबारा से चिंतित हैं। मौजूदा व्यवस्थाओं से खफा ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष भी जताया।
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भागवी गांव की आबादी छह हजार से अधिक है। गांव का जिला मुख्यालय से जुड़ा करने के तीन रास्ते हैं। पिछले करीब दस दिनों से गांव से दादरी, लोहरवाड़ा और अचीना पहुंचने के तीनों रास्ते जलभराव के चलते बंद हैं। यहां तीन से चार फुट पानी भरने के कारण दुपहिया या चौपहिया वाहन लेकर जाना खतरे से खाली नहीं है। गांव की अंदरूनी स्थिति की अगर बात करें तो हरिजन बस्ती और गांवों के बीच बना जोहड़ ओवरफ्लो होने के कारण साथ लगती बस्ती की गलियों में भी दो से ढाई फुट तक पानी भरा हुआ है।
निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि लोकराम, रामसिंह, प्रदीप, सुरेंद्र, दिनेश, महासिंह, शिवकुमार, राजकुमार, मनोज, अनिल, सोनू, रवि, आजाद, प्रताप, मुन्नी देवी, बाला रानी, वेदवती, इंद्रावती, सुनीत, सुमन, राजरानी और सुशील आदि ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दस दिनों से गांव की गलियों में पानी भरा हुआ है, जो अब सड़ने लगा है। इससे ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो गया है। गांव के करीब 150 घर जलभराव से प्रभावित हैं। लोकराम समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि करीब 2500 एकड़ फसल जलमग्न होने से इस बार जलभराव की दोहरी मार पड़ी है। गांव में ज्वार, बाजरा और ग्वार की बिजाई किसानों ने की थी, लेकिन खेतों में जलभराव होने से फसलें नष्ट हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार गांव से पानी निकासी के प्रबंध भी पुख्ता नहीं है। एक मोटर लगाकर पंचायत द्वारा बिछवाई गई लाइन के जरिये पानी की निकासी की जा रही है। मोटरों की संख्या बढ़ने के बाद ही पानी निकासी के काम में तेजी आएगी।
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सोमवार शाम नायब तहसीलदार ने किया निरीक्षण
सोमवार शाम करीब पांच बजे नायब तहसीलदार भी भागवी गांव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने उनके समक्ष समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने तहसीलदार से स्पेशल गिरदावरी करवाकर नुकसान की भरपाई करवाने की मांग भी की। गांव के मौजिज लोगों ने बताया कि तहसीलदार उन्हें सकारात्मक आश्वासन देकर वापस लौटे हैं।
भाकियू पदाधिकारी पहुंचे स्थिति का जायजा लेन
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष जगबीर घसोला के नेतृत्व में गांव का दौरा किया। जिला महासचिव धर्मचंद और रमेश रोहिल्ला, रणबीर आदि ने कहा कि जलभराव से खराब खरीफ की फसलों में हुए नुकसान की तुरंत भरपाई की जानी चाहिए। 20 से अधिक गांवों के खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से फसलों की गिरदावरी करवाकर नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
कोरोना की दूसरी लहर में 20 से अधिक लोगों की हुई थी मौत
भागवी में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी 20 से अधिक मौतें हुई थीं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से चार मौतों का कारण कोरोना संक्रमण बताया था, जबकि दम तोड़ने वाले अन्य ग्रामीणों का उस दौरान पोस्टमार्टम बिना ही अंतिम संस्कार किया गया था। अब गांव में जलभराव होने से ग्रामीणों में दोबारा बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
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वर्जन::
मैंने हालातों का जायजा लिया है। जल्द ही प्रशासन समस्या का समाधान करवा देगा। ग्रामीणों से भी अपील है कि वे सहयोग करें।
अंकित कुमार, नायब तहसीलदार

भागवी की गली में भरा पानी।- फोटो : CharkhiDadri

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