बाढड़ा क्षेत्र के गांव का तालाब।
चरखी दादरी। अमृत सरोवर योजना के तहत जिले में 75 प्रतिशत तालाबों के सुंदरीकरण का काम पूरा हो गया है। विभाग की योजना है कि मानसून सीजन से पहले इन तालाबों की दशा सुधार दी जाए, ताकि इनमें बारिश का पानी भरा जा सके और आसपास पौधरोपण कर हरियाली को बढ़ाया जा सके।
जिले में करीब 250 तालाब हैं। अमृत सरोवर योजना के तहत इन तालाबों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। योजना के तहत तालाबों की गाद निकलवाई जा रही है। जहां चहारदीवारी की जरूरत है, वहां निर्माण करवाया जा रहा है। पानी की भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है।
योजना से पहले ग्रामीण खुद ही तालाबों की देखरेख करते थे। प्रत्येक गांव में दो से तीन तालाब हैं, जिनके किनारों पर कुएं भी बने हुए हैं। इन कुओं का पानी मीठा होता था, लेकिन तालाबों की दुर्दशा के साथ अब ये कुएं भी अपना अस्तित्व खो चुके हैं। जिले में करीब 75 तालाब नहरी पानी से भरे जाते हैं। तालाबों के सुंदरीकरण का उद्देश्य आसपास के क्षेत्र में जल स्तर को सुधारने के साथ आस-पास हरियाली को बढ़ावा देना है, ताकि पर्यावरण संतुलित बना रहे। ऐसे में तालाबों के सुंदरीकरण का काम प्रगति पर है। अब तक 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मानसून सीजन से पहले यह काम पूरा होने की उम्मीद है। गांव मोरवाला, अटेला खुर्द, साहुवास, घसौला, बाढड़ा, आदिबपुरा, चंदेनी व बास सहित विभिन्न गांवों में काम जोरों से चल रहा है।
तालाबों के सुंदरीकरण का काम प्रगति पर है। जुलाई तक यह काम पूरा करने की योजना है। 75 प्रतिशत काम अब तक पूरा हो चुका है। तालाबों की दशा सुधरने पर जलस्तर में भी सुधार आएगा और हरियाली को बढ़ावा मिल सकेगा। - अजीत सिंह, कनिष्ठ अभियंता, पंचायत विभाग, बाढड़ा।