चरखी दादरी। गांव कादमा निवासी अनीशा भी यूक्रेन के सुमी टाऊन से बाहर अब पोल्तावा स्टेट की ओर चल पड़ी है। वह पूरी तरह सुरक्षित है और संभावना है कि बाकी छात्रों की तरह अनीशा भी जल्दी घर लौट आएगी।
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त प्रदीप गोदारा की रहनुमाई में प्रशासन ने यूक्रेन में फंसे जिला के छात्र-छात्राओं की वापसी के लिए प्रयास किए थे। जिला के 48 में से 47 विद्यार्थी अपने घर आ गए हैं। केवल एक छात्रा अनीशा रूस के साथ लगते सीमांत प्रांत सुमी में अपने कालेज के हॉस्टल में रुकी हुई थी। जिसको वहां बस भेजकर बाहर निकाला गया और अब वह ट्रेन से सुमी के समीप प्रांत पोल्तावा के लिए चली है। सुमी से पोलैंड व हंगरी की सीमा करीब एक हजार किलोमीटर है, जबकि रूस की सीमा 48 किलोमीटर है। रूस में बॉर्डर बंद रहने के कारण ही अनिशा को लंबी यात्रा करनी पड़ रही है। विदेश मंत्रालय ने आशा व्यक्त की है कि सुमी से निकाले गए छात्र-छात्राओं को जल्दी ही सकुशल भारत लाया जाएगा। गांव कादमा की इस बेटी के माता-पिता भी बेसब्री से उसके आने का इंतजार कर रहे हैं। बाढड़ा के नायब तहसीलदार अचीन काल्टा ने कादमा में अनीशा के घर जाकर उसके पिता से मुलाकात की और सारे मामले से अवगत करवाया।