चरखी दादरी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्पर्स का धरना मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। एक गुट ने जजपा कार्यालय का घेराव कर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका, जबकि दूसरे गुट ने परशुराम चौक पर राज्य मंत्री कमलेश ढांडा का पुतला फूंका। इसके बाद लघु सचिवालय स्थित अपने अपने धरनास्थल पर पहुंचकर दोनों गुटों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रधान राजवंती फौगाट ने कहा कि चुनाव जीतने से पहले बाढड़ा विधायक नैना चौटाला ने हमसे बहुत वादे किए थे। हमारी हर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। सरकार बनने के बाद अब विधायक हमें दरकिनार कर रही है, यहां तक कि धरने को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक सुध नहीं ली है। राजवंती ने कहा कि इससे खफा होकर जजपा कार्यालय का घेराव कर पुतला दहन किया गया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार आंदोलन को लंबा खींचकर आंदोलनरत वर्ग को परेशान करने का प्रयास कर रही हैं, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार को आंगनबाड़ी केन्द्रों को निजी एनजीओ को सौंपने का फैसला वापस लेना चाहिए और वर्ष 2018 में किया गया समझौता लागू करना चाहिए। वहीं, दूसरे गुट की अगुवाई सुनीता रामबास ने की और इस गुट ने परशुराम चौक पर प्रदर्शन किया।
डिप्टी सीएम पर नाटक का किया मंचन
प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने उपमुख्यमंत्री के ऊपर एक नाटक का मंचन किया और नाटक के माध्यम से एक ताऊ द्वारा समर्थन देने की झलकियों को दिखाया गया और अपनी मांगों को दोहराया। नाटक का संचालन मौड़ी सर्कल की हेल्पर कविता व सुनीता ने किया।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
आंगनबाड़ी वर्कर्स को अखिल भारतीय किसान सभा के उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने समर्थन दिया। प्रदर्शन में चांदकौर, गीता, मेला, मीरा, सुनील, सविता, मिसरी, उप-प्रधान उषा सांजरवास एवं बिमला समसपुर, खजांची राजबाला गोदारा, ब्लॉक बाढ़डा से प्रधान कमलेश गोपी, सचिव सुशीला काकड़ौली हट्टी, नरेश, सुशीला, सुनीता, जगवंती कारी, रेनू, प्रेम, सिलोचना, मंजीत, मंजू, सुषमा, शकुंतला आदि आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स मौजूद रहीं।