यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने वली मुस्कान अपने परिजनों के साथ।
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चरखी दादरी। जिले के समीपवर्ती गांव सेहलंगा (झज्जर) निवासी मुस्कान डागर ने यूपीएससी की परीक्षा में 474वीं रैंक हासिल की है मुस्कान ने बीएससी की हुई है, लेकिन यूपीएससी के लिए उसने कक्षा 11वीं, 12वीं, बीए व एमए के विषयों की गहनता से पढ़ाई की। यूपीएससी को लक्ष्य बनाकर दो साल तक घर पर रहते ही इस परीक्षा की तैयारी की।
दादरी शहर के एपीजे स्कूल की छात्रा रही मुस्कान ने इसी स्कूल के एसएस विषय के शिक्षक सज्जन सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से इतिहास विषय में अपनी पकड़ बनाई। मुस्कान का कहना है कि युवा को बड़े सपने लेने चाहिए। कोई भी लक्ष्य परिश्रम व दृढ़ इच्छा शक्ति से संभव है। वहीं, दादरी एपीजे स्कूल प्रिंसिपल रूद्रेंद्र बशक व शिक्षकों ने मुस्कान की इस सफलता पर बधाई दी है। गांव सेहलंगा निवासी मुस्कान डागर ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि उसने कक्षा पांचवीं से 12वीं तक दादरी में स्थित एपीजे स्कूल में पढ़ाई की थी। वर्ष 2017 में कक्षा बारहवीं में उसने विज्ञान संकाय में 500 मेें 472 अंक प्राप्त किए थे। उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी की। बीएससी अंतिम वर्ष के दौरान ही उसने यूपीएससी के लिए इतिहास विषय की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इसके साथ ही उसने बेस बनाने के लिए कक्षा 11वीं, 12वीं, बीए व एमए के विषयों का अध्ययन किया। राजनीतिक शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र की गहनता से तैयारी की। यूपीएससी में साक्षात्कार के लिए नोट्स बनाकर तैयार की। मुस्कान ने प्रथम प्रयास में ही यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। मुस्कान की माता प्रतिभा गृहिणी जबकि पिता विकास किसान हैं। मुस्कान का कहना है कि अध्यापकों व परिजनों का उसे पूरा सहयोग व मार्गदर्शन मिलता रहा। मुस्कान ने बताया बचपन से ही उसमें प्रशासनिक अधिकारी बनकर देशसेवा की तमन्ना में थी। एपीजे स्कूल केप्रिंसिपल रूदेंद्र बशक ने विद्यालय की छात्रा रही मुस्कान को बधाई देते हुए कहा कि यह विद्यालय ही नहीं अपितु क्षेत्र के लिए गौरव व गर्व की बात है। युवाओं को मुस्कान से प्रेरणा लेनी चाहिए।