चरखी दादरी में बिजली निगम कार्यालय परिसर में धरने को संबोधित करते कर्मचारी नेता। संवाद
चरखी दादरी। रेलवे रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय में 19 दिनों से चल रहा कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को समाप्त हो गया। कार्यकारी अभियंता अविनाश यादव और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत के बाद आपसी सहमति बन गई। धरना समाप्त होते ही कर्मचारी अपने-अपने काम पर लौट आए, जिससे बिजली से संबंधित रुके हुए कार्य जल्द पूरे होने की उम्मीद है। धरने से एक दिन पहले ही जिलाधीश ने निगम के कार्यकारी अभियंता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था।
कर्मचारियों के तबादले के विरोध में धरना
धरना 12 अक्तूबर से निगम के तकनीकी कर्मचारियों के मनमाने तबादलों के विरोध में शुरू हुआ था। कर्मचारियों का कहना था कि ये तबादले कार्य व्यवस्था पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। 19 दिन तक धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मांग की थी कि तबादला आदेश रद्द किए जाएं और पहले जैसी तैनाती बहाल की जाए।
शुक्रवार को कार्यकारी अभियंता अविनाश यादव ने एचएसईबी संगठन के जिला प्रधान अनिल फोगाट और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से लगभग एक घंटे तक मुलाकात की। बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और अभियंता ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तबादलों की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सकारात्मक पहल के बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
रुके कार्यों को मिलेगी रफ्तार
धरने के कारण बिजली निगम के कई कार्य प्रभावित थे। नई कनेक्शन फाइलें लंबित थीं और उपभोक्ताओं को मीटर चेकिंग, बिल सुधार आदि में परेशानी हो रही थी। कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद इन सभी कार्यों के जल्द निपटने की उम्मीद है। एचएसईबी संगठन के जिला प्रधान अनिल फोगाट ने कहा कि संगठन हमेशा कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों को ध्यान में रखकर काम करता है। उनका कहना था कि मकसद टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान था। प्रशासन और संगठन की सकारात्मक भूमिका से मामला सुलझ गया और अब सभी कर्मचारी सामान्य रूप से काम पर लौट आए हैं।