चरखी दादरी के गांव बालरोड व पालड़ी के बीच बुधवार सुबह सतनाली फीडर टूट गई। इससे बालरोड और पालड़ी के किसानों की करीब 200 एकड़ फसल में तीन फुट तक पानी भर गया। बुधवार दोपहर बाद तक नहर में पानी बंद नहीं हुआ। हालांकि नहर टूटते ही अधिकारियों की ओर से तत्परता दिखाकर पीछे से पानी
बंद करवाया गया। वीरवा सुबह तक नहर का क्षतिग्रस्त हिस्सा दुरुस्त हो पाएगा।
गांव बालरोड़ में 150 तो पालड़ी में 50 एकड़ की फसल हुई जलमग्न
दरअसल, सतनाली फीडर पानी से लबालब चल रही थी। बुधवार सुबह करीब चार बजे नहर की पटरी का 30 फुट का हिस्सा टूट गया। इससे पानी खेतों की ओर बहने लगा। कुछ देर में ही किसानों की करीब 200 एकड़ की फसल में तीन फुट तक पानी भर गया। वहीं, नहर टूटने का पता चलते ही दोनों गांवों के किसान मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचित कर अपने स्तर पर पानी का बहाव खेतों की बजाय दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास शुरू किया। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पीछे से पानी बंद करवाया और दोपहर करीब दो बजे तक भी नहर में पानी चल रहा था।
बालरोड सरपंच संजय कुमार ने बताया कि नहर टूटने से बालरोड की करीब 150 एकड़ और पालड़ी की 50 एकड़ भूमि पर खड़ी कपास और बाजरा की फसलों में पानी भरा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा मात्रा में पानी भरने से फसलें खराब होंगी। दोनों गांवों के किसानों की मांग है कि उन्हें मुआवजा दिया जाए।
मंगलवार शाम से ही लबालब थी नहर
बालरोड के ग्रामीणों ने बताया कि सतनाली फीडर मंगलवार शाम से ही पानी से लबालब थी। बुधवार सुबह करीब चार बजे नहर टूट गई। उन्होंने बताया कि दोनों गांवों के किसानों ने कपास और बाजरा की फसल की बिजाई की थी और पकाव से ठीक थोड़े समय पहले पानी से फसलों को नुकसान पहुंच गया।
इन किसानों की फसलों में भरा पानी
बालरोड निवासी किसान मोहनलाल की चार एकड़, विजय की छह एकड़, रविंद्र की चार एकड़, कृष्ण की छह एकड़, सुनील की छह एकड़, ओम की सात एकड़, महेश की सात एकड़ और ऋषिराज की चार एकड़ में खड़ी कपास व बाजरे की फसल खराब हो गई।
पानी निकासी के लिए विभाग ने पहुंचाए पाइप
बालरोड सरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि बंद करवाने के बाद भी नहर में 12 से 15 घंटे तक पानी चलता है। अब उनके पास खेतों से पानी निकालने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग ने बुधवार दोपहर खेतों से पानी निकासी के लिए पाइप पहुंचा दिए हैं।
नहर पर नहीं पटरी, मौके तक पहुंचने में बाधा ही बाधा
किसानों ने बताया कि उनके खेतों से गुजरने वाली नहर पर पटरी नहीं है। जिससे वे दूसरे खेतों से होकर अपने खेत में जाते हैं। इसी कारण विभाग को मशीनरी और सामान यहां तक पहुंचाने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। खेतों में पानी भरा है जबकि दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
सरपंच के अनुसार
सुबह करीब 4 बजे नहर टूटी है। इससे बालरोड और पालड़ी की 200 एकड़ में खड़ी फसलों में तीन फुट तक पानी भर गया है और इससे फसलें खराब हो जाएंगी। किसानों की मांग है कि सरकार उन्हें मुआवजा दे।
-संजय कुमार, सरपंच, बालरोड।