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आफत : तीन साल पहले जल्दबाजी में की गई जमाबंदी में खामियां, इंतकाल छुटने से नहीं हो रही रजिस्ट्री

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ड्रोन से ली गई शहर की तस्वीर। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। तीन साल पहले जल्दबाजी में की गई जमाबंदी की खामियां अब शहरवासियों के लिए गले की फांस बनी है। अब लोगों को जमीन की रजिस्ट्री और पीआईडी (प्रॉपर्टी आईडी) से अटैच करवाने में दिक्कतें आ रही हैं। प्रतिदिन 30 से 40 लोग कभी तहसील कार्यालय तो कभी नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने इस चूक को दुरुस्त करवाने के लिए एफसीआर को पत्र लिखा है। डीसी का दावा है कि तीन माह में इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
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शहर में 21 वार्ड हैं और आबादी करीब 80 हजार से पार है। शहर में प्रॉपर्टी की संख्या करीब 28 हजार है। शहर की जमाबंदी करीब तीन साल पहले हुई थी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार 15 साल के इंतजार के बाद हुई जमाबंदी जल्दबाजी में की गई और इसमें कई तरह की खामियां रह गईं जो अब लोगों के लिए परेशानियों का सबब बनी हुई हैं। इतना ही जमाबंदी में कई इंतकाल भी रह गए, जिसके चलते अब रजिस्ट्री में अड़चनें आ रही हैं। जमीन की खरीद-फरोख्त या प्रॉपर्टी आईडी को जमाबंदी से अटैच करवाने में उन्हें दिक्कतें आ रही हैं। शहर निवासी दीपेंद्र, मुंशीराम, नितिन, मोनू, राजेश और दिलबाग ने जिला प्रशासन से जमाबंदी की खामियों को जल्द से जल्द दूर करवाने की मांग की है। जिला उपायुक्त प्रदीप गोदारा का कहना है कि उनके संज्ञान में भी यह मामला है और इस समस्या को दूर करवाने के लिए राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है। वहां से अनुमति मिलते ही समस्या के समाधान की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
जमीन की पहचान करने में आ रहीं दिक्कतें
जमाबंदी की खामियों के कारण जमीन की पहचान करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। जिला प्रशासन की तरफ से सभी विभागों को अपनी-अपनी जमीन का पता लगाकर ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन खामियों के चलते कई विभागाध्यक्ष इन निर्देशों की पालना नहीं कर पाए। जमीन की डिमारकेशन में चकबंदी की खामियां अड़चन पैदा कर रही हैं।
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राइट-टू-सर्विस कमीशन के आयुक्त के समक्ष उठा था मुद्दा
गत पांच अक्तूबर को राइट-टू-सर्विस कमीशन के मुख्य आयुक्त एवं वरिष्ठ आईएएस टीसी गुप्ता जनता कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला के अधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे थे। उस दौरान सभागार में मौजूद शहरवासियों ने उनके समक्ष भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। लोगों की समस्याएं सुनकर टीसी गुप्ता ने उपायुक्त को जल्द समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे।
जानिए....कोई दो माह से तो कई छह माह से परेशान
केस:1 : शहर के वार्ड सात निवासी गजानंद ने बताया कि जमाबंदी की खामी के कारण उसकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। वह पिछले दो माह से परेशान है और लगातार दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। अफसर जमाबंदी की खामी दूर होने के बाद ही काम बनने की बात कह रहे हैं।
केस: 2 : शहर निवासी मनोज ने बताया कि वह छह माह से रजिस्ट्री करवाने के लिए चक्कर काट रहा है, लेकिन काम नहीं बन पा रहा। जमाबंदी की खामियां अब शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। प्रशासन को समस्या का समाधान करवाना चाहिए।
तीन माह में करवा देंगे समाधान : डीसी
इन समस्याओं से अभी शहरवासियों को करीब तीन माह और जूझना पड़ेगा। डीसी प्रदीप गोदारा का कहना है कि शहर की दोबारा जमाबंदी करवाने के लिए एफसीआर को फाइल भेजी जा चुकी है। उनकी अनुमति मिलते ही दोबारा जमाबंदी का काम शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि तीन माह के अंदर दोबारा जमाबंदी करवाकर खामियों को दूर कर दिया जाए। इस बार चकबंदी कार्य की निरंतर मॉनीटरिंग की जाएगी।
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