चरखी दादरी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष देशराज चालिया के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। सचिव संजीव काजला ने ''मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0'' अभियान की जानकारी दी है। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित विवादों का सौहार्दपूर्ण और कम खर्चीला समाधान सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण तथा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति इसे सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में आयोजित कर रही है। इस विशेष अभियान के तहत 1 अगस्त, 2026 से 30 सितंबर 2026 तक मामलों की पहचान की जाएगी। इनमें मध्यस्थता के माध्यम से समाधान संभव होगा। इसके बाद 1 अक्तूबर, 2026 से अभियान का विधिवत शुभारंभ होगा।
मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से विवाद सुलझाए जाते हैं। इसमें समय, धन और अनावश्यक मानसिक तनाव की बचत होती है। पक्षकारों के आपसी संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। मध्यस्थता की कार्रवाई पूर्णत: गोपनीय होती है। पक्षकार अपनी सुविधा और सहमति से समाधान तक पहुंच सकते हैं।
मध्यस्थता योग्य मामले
वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा और घरेलू हिंसा से संबंधित मामले चिह्नित किए जा रहे हैं। चेक बाउंस, वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद भी इसमें शामिल हैं। सेवा संबंधी, आपराधिक समझौता योग्य और उपभोक्ता विवाद मामले भी मध्यस्थता के लिए चुने जाएंगे। विभागीय वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली/किरायेदारी और भूमि अधिग्रहण मामले भी इसमें आते हैं। अन्य उपयुक्त सिविल मामले जिनमें समझौते की संभावना हो उन्हें भी चिह्नित किया जा रहा है।
नागरिकों से अपील और संपर्क
प्राधिकरण ने जिला के नागरिकों, अधिवक्ताओं और सरकारी विभागों से अपील की है। उनसे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाने और मध्यस्थता को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है। न्यायालयों में लंबित मामलों वाले व्यक्ति जिला न्यायालय परिसर स्थित केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। वे जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से भी जानकारी ले सकते हैं। आमजन हेल्पलाइन नंबर 01250-223890 पर मार्गदर्शन के लिए संपर्क कर सकते हैं।