चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक निर्माण का काम 95 फीसदी पूरी हो चुका है और एक जुलाई से इसके वर्किंग में आने की उम्मीद है। 500 यूनिट भंडारण क्षमता के ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने पर 19 लाख से अधिक लागत आएगी और स्वास्थ्य विभाग ने यहां मशीनें इंस्टॉल करने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र लिख दिया है। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक सुविधा शुरू होने से मरीजों के तीमारदारों समेत अस्पताल स्टाफ को भिवानी की भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा। 500 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक खुलने से जिले की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।
जिले रक्त के मामले में अभी पूर्णतया भिवानी पर निर्भर है। सिविल अस्पताल में भिवानी से ही रक्त की पूर्ति की जा रही है। इसके लिए हर दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गाड़ी लेकर जाती है। इस झंझट को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार की थी। पहले यह योजना कोरोना की भेंट चढ़ी रही और करीब दो माह पहले पीडब्ल्यूडी ने स्वास्थ्य विभाग के बजट ट्रांसफर करने के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी की थी।
एजेंसी ने ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने का 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है और 25 जून तक कार्य पूरा हो जाएगा। इसके तत्काल बाद एजेंसी की टीम सिविल अस्पताल पहुंचकर ब्लड बैंक के लिए करीब दस माह पहले पहुंची मशीनों को इंस्टॉल कर देंगी। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एक जुलाई से ब्लड बैंक वर्किंग में आ जाएगा।
पुराने भवन के दो कमरों में बन रहा ब्लड बैंक -
ब्लड बैंक निर्माण के लिए सिविल अस्पताल में दो कमरों का चयन किया गया। यह चयन पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने किया था। इस समय अस्पताल के पुराने भवन में ब्लड यूनिट ही है, जिसकी क्षमता अधिकतम 30 यूनिट की है। कई दफा ब्लड खत्म होने की स्थिति में मरीज के तीमारदारों को खुद ब्लड बैंक जाकर खून लाना पड़ता है। ब्लड बैंक बनने के बाद मरीजों के लिए जिला वासियों को सिविल अस्पताल में ही रक्त मिल जाएगा और उन्होंने दूसरों जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
हर साल आठ से दस हजार यूनिट होता है जिले में रक्तदान -
हर साल जिले में डेढ़ सौ से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर युवा ही रक्तदान करते हैं। एक साल में जिला औसतन आठ से हजार यूनिट रक्तदान करता है। सोनीपत, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, गुरुग्राम, नई दिल्ली, रेवाड़ी आदि जिलों की ब्लड बैंक टीमें दादरी में आकर रक्तदान करती हैं। रक्तदान शिविर लगाने के मामले में जिला प्रदेश में अव्वल है।
साढ़े तीन साल बाद सिरे चढ़ेगी योजना -
स्वास्थ्य विभाग ने दादरी सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने का प्रपोजल 10 नवंबर 2018 को तैयार कर सरकार को भेजा था। करीब साढ़े तीन साल की समयावधि में यह योजना परवान चढ़ेगी। लंबे समय से जिले के सक्रिय रक्त दाताओं को भी ब्लड बैंक खुलने का इंतजार है।
एजेंसी ने 95 फीसदी काम पूरा कर दिया है और हमने मशीनें इंस्टॉल करने के लिए एजेंसी को पत्र लिख दिया है। एक जुलाई से ब्लड बैंक वर्किंग में आने की उम्मीद है।
- डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ।