कोरोना काल में हुईं रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार सामने आने के बाद प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार ने संबंधित उपायुक्तों को रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिले की अगर बात करें तो कोरोना काल में 500 रजिस्ट्री हुई हैं लेकिन 7(ए) के तहत एक भी नहीं है। दादरी उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा को सरकार की तरफ से किसी रजिस्ट्री की जांच करने के आदेश नहीं मिले हैं। हालांकि जिले में रजिस्ट्री बंद कर दी गई हैं।
उधर, सरकार के आदेश मिलते ही उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने भी रजिस्ट्री न करने के निर्देश तहसीलदार अजय सैनी को दे दिए हैं। वीरवार को रजिस्ट्री कराने तहसील कार्यालय पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा। सूत्रों के अनुसार वीरवार को करीब 20 लोग वापस लौटे।
कोरोना काल की शुरुआत में लॉकडाउन के चलते तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री बंद हो गई थीं। 20 अप्रैल को सशर्त सरकार ने रजिस्ट्री की मंजूरी दे दी। शुरुआत में एक दिन के लिए 25 रजिस्ट्री करने का प्रावधान किया गया तो बाद में इसे बढ़ाकर 50 कर दिया गया। इस समय 100 रजिस्ट्रियां तक करने का प्रावधान है। हालांकि तहसीलों में जमीन के खरीद-फरोख्त के इतने केस पहुंच नहीं रहे। सरकार के सशर्त रजिस्ट्री करने की छूट देते ही प्रदेश की तहसीलों में भ्रष्टाचार शुरू हो गया। हालांकि दादरी तहसील कार्यालय पिछले कुछ समय पहले तक भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहा है और ग्रीवांस कमेटी की बैठक में भी मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री के सामने लोगों ने शिकायतें की हैं। इस बार सरकार ने तहसीलों में हुई रजिस्ट्रियों की जांच के और रजिस्ट्री पर रोक लगाने के आदेश दे दिए हैं। वहीं, डीसी शिवप्रसाद शर्मा ने बताया कि कोरोना काल में तहसील में हुई रजिस्ट्री की जांच के आदेश उन्हें नहीं मिले हैं। दादरी जिले में केवल स्वीकृत कॉलोनियों में ही रजिस्ट्री की जा रही है।
पहले एक माह में होती थीं 700 रजिस्ट्रियां, अब तीन माह में महज 500
कोरोना काल से पहले की बात करें तो दादरी जिले में एक माह में औसतन 700 रजिस्ट्रियां होती थीं। एक दिन में करीब 25 से 30 रजिस्ट्री होती थीं। 20 अप्रैल से लेकर 23 जुलाई तक दादरी तहसील कार्यालय में 500 रजिस्ट्री ही हुई हैं, जबकि यह समयावधि करीब तीन माह की है।
क्या है सेक्शन 7(ए )
हरियाणा डेवलपमेंट एेंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिश एक्ट 1975 के सेक्शन 7-ए दादरी जिले में लागू नहीं है। यहां उपायुक्त ने केवल स्वीकृत कॉलोनियों की रजिस्ट्री करने के ही आदेश दे रखे हैं। तहसीलदार अजय सैनी ने बताया कि 19 कॉलोनियां स्वीकृत हैं और उन्हीं की रजिस्ट्री की गई हैं।
शहर में 150 जबकि गांवों में हुईं 350 रजिस्ट्रियां
दादरी तहसील की बात करें तो पिछले तीन माह में 500 रजिस्ट्री हुई हैं। इनमें 150 शहरी और 350 ग्रामीण क्षेत्र की हैं। तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री हाथों हाथ होती है। हालांकि अब सरकार के आदेशों के चलते जिला प्रशासन ने स्वीकृत कॉलोनी की रजिस्ट्री भी बंद कर दी है।
ये होती है रजिस्ट्री की प्रक्रिया
रजिस्ट्री के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालीं दोनों पार्टियों को तहसील कार्यालय में कागजी प्रक्रिया पूरी कर आना होगा। दोनों पार्टियों के पास आधार कार्ड होना जरूरी है। इसके अलावा गांव का नंबरदार और एक गवाह भी जरूरी है। 10 लाख से ऊपर की खरीद-फरोख्त में पैन कार्ड भी अनिवार्य है।
वर्जन::
20 अप्रैल से लेकर अब तक करीब 500 रजिस्ट्री हुई हैं। सेक्शन सात-ए जिले में लागू नहीं है और डीसी के आदेशों पर स्वीकृत कॉलोनियों की ही रजिस्ट्री की जा रही है। कोरोना काल में रजिस्ट्रियां कम हुई हैं।
- अजय सैनी, तहसीलदार, दादरी
सरकार की तरफ से दादरी तहसील में हुई किसी रजिस्ट्री की जांच करने के आदेश मुझे नहीं मिले हैं और न ही भ्रष्टाचार की कोई शिकायत मेरे पास आई है। सरकार के अगले आदेश आने तक जिले में रजिस्ट्री बंद कर दी गई हैं।
- शिवप्रसाद शर्मा, डीसी, चरखी दादरी