चरखी दादरी। क्लर्काें की हड़ताल के चलते पिछले 30 दिनों में राज्य परिवहन की दस शाखाओं में काम ठप पड़े हैं जिसके कारण विभाग को करीब 3 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो चुका है। साथ ही विभाग के 800 से अधिक कर्मचारियों को जुलाई माह में इंक्रीमेंट भी नहीं लग पाया है। पास रिन्यू, कर्मचारियों का वेतन, जीपीएफ, जीआईएस, मेडिकल बिल सहित अनेक कार्य भी लंबित पड़े हैं।
बता दें कि पांच जुलाई से क्लर्काें ने 35400 वेतन की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की थी। राज्य परिवहन विभाग के 33 क्लर्क भी हड़ताल में शामिल हैं। ऐसे में प्रतिदिन औसतन 200 पास नए बनने व रिन्यू के कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। इनसे प्रतिदिन विभाग को होने वाली 20 हजार रुपये की आय नहीं मिल पा रही है। अगर एक माह की बात करें तो करीब 6 लाख रुपये का नुकसान विभाग को हो चुका है। साथ ही 100 से अधिक मेडिकल बिलों के भुगतान भी लंबित पड़े हैं।
वहीं, कार्यशाला में स्पेयर पार्ट्स वेंडरों के करीब 3 करोड़ रुपये के बिलों का भी भुगतान नहीं हो पाया है इस कारण कार्यशाला में भी बसों की रिपेयरिंग का काम प्रभावित है। विभाग में कार्यरत अधिकांश कर्मचारियों का रात्रि भत्ता कार्य भी लंबित हो रहे हैं। वहीं क्लर्काें के अभाव में आईओसी से होने वाले डीजल के भुगतान न होने से निजी फर्माें से डीजल की खरीद की जा रही है जिसके कारण विभाग को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
इसके साथ ही आठ से दस बसों का इंश्योरेंस व पासिंग का काम भी लंबित पड़ा है जिसके कारण बस संचालन में भी परेशानियां आ रही हैं। प्रदेश के अन्य राज्यों व लंबी दूरी को जाने वाली करीब 10 बसों की परमिट फीस लंबित होने के कारण बसों को अन्य राज्यों व जाने व लंबी दूरी तय करने में कभी भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 33 क्लर्काें के हड़ताल पर होने के कारण कार्यरत कर्मचारी भी काम का अतिरिक्त भार बढ़ने से दबाव में काम करने के लिए मजबूर हैं। इस कारण कर्मचारियों में रोष है।
क्लर्काें की हड़ताल के चलते काम प्रभावित होना लाजिमी है। फिर भी हम हरसंभव व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही लंबित कार्य करवाने के साथ आवेदनों का निपटान करवा दिया जाएगा।
-प्रदीप अहलावत, जीएम, चरखी दादरी डिपो