106 वर्षीय रामबाई ने दिल्ली में आयोजित हुई वेटरन एथलीट गेम्स की 100 मीटर दौड़, 3000 मीटर पैदल चाल और शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते हैं। दादी रामबाई अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 40 पदक जीत चुकीं हैं।
उम्र की बाधा लांघकर कादमा निवासी 106 वर्षीय बुजुर्ग खिलाड़ी रामबाई ने फिर से खेल मैदान में कमाल किया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित वेटरन एथलीट मीट में रामबाई ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदकों की सूची और लंबी कर ली है। अब तक वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में करीब 40 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। रामबाई के अलावा उनकी बेटी संतरा और नातिन शर्मिला सांगवान ने भी एथलीट चैंपियनशिप की अलग-अलग स्पर्धाओं में तीन-तीन पदक जीते हैं।
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बता दें कि रामबाई पिछले करीब दो साल से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में सहभागिता निभाकर पदक जीत रही हैं। वह इन स्पर्धाओं में सबसे अधिक उम्र की प्रतिभागी होने के बावजूद पदक जीतने से नहीं चूकी। हाल ही में दिल्ली में आयोजित वेटरन एथलीट मीट में उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया। रामबाई ने 100 मीटर दौड़ के अलावा 3000 मीटर पैदल चाल और शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
स्वर्ण पदक जीतने पर रामबाई की बेटी संतरा देवी को सम्मानित करते आयोजक।
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वहीं, उनकी 64 वर्षीय बेटी संतरा देवी ने 3000 मीटर पैदल चाल में स्वर्ण, 100 मीटर दौड़ और शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा रामबाई की नातिन शर्मिला सांगवान ने शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक, 3000 मीटर पैदल चाल और डिस्कस-थ्रो स्पर्धा में रजत पदक हासिल किए। इस प्रकार एक अन्य स्पर्धा में रामबाई की तीन पीढ़ी ने हरियाणा को 9 पदक दिलाए, जिनमें सात स्वर्ण व दो रजत पदक शामिल हैं।
देसी खुराक है रामबाई की सेहत का राज
106 वर्ष की उम्र में खेल मैदान से जुड़े रहना हर किसी के लिए संभव नहीं है। बावजूद इसके रामबाई उम्र के बढ़ते पड़ाव में भी लगातार जीत रही हैं। नियमित पैदल चलना और देसी खुराक रामबाई की सेहत का राज है। वो सुबह-शाम आधा किलो दूध पीती हैं, जबकि घी, चूरमा, दही और मेसी रोटी का भी सेवन करती हैं। इसके अलावा वो सुबह-शाम खेतों में सैर करने भी जाती हैं।