प्लास्टिक वेस्ट के बेहतर प्रबंधन व सड़कों को और मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत जिला में प्रतिदिन निकलने वाले वेस्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाएगा। सड़कों के निर्माण कार्य में लगभग दस प्रतिशत वेस्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। उपायुक्त मनदीप कौर ने इसके लिए संभावनाएं तलाशने के निर्देश दे दिए है। इस संबंध में एनजीटी की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को उपायुक्त मनदीप कौर की अध्यक्षता में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित बैठक में वेस्ट प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर गहनता से चर्चा की गई। बैठक में सामने आया कि वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग सड़कों के निर्माण कार्य में किया जा सकता है और इसको लेकर एनजीटी द्वारा दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इन निर्देशों के अनुसार सड़कों के निर्माण कार्य में लगभग दस प्रतिशत वेस्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस पर उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि प्रस्तावित सड़क निर्माण में वेस्ट प्लास्टिक के प्रयोग को लेकर संभावनाओं को देखें और एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुसार इसको प्रयोग किया जाए।
प्लास्टिक प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई के लिए 24 विभागों को मिलेगी चालान बुक
उपायुक्त ने सिंगल यूज प्लास्टिक के मामले में नगर परिषद को निर्देश दिए कि सभी सक्षम 24 विभागों को चालान बुक उपलब्ध करवाएं ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के चालान किए जा सकें। उन्होंने नगर परिषद से अब तक किए गए चालान का ब्योरा भी मांगा है। आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शक्ति सिंह ने बताया कि दिशा निर्देशों के अनुसार चालान काटने में सक्षम 24 विभागों को नगर परिषद की ओर से चालान बुक जारी करके एक बैंक खाता भी खुलवाना होता है, जिसमें चालानों की राशि जमा होती है।
दादरी में गंदगी का कारण ही प्लास्टिक प्रयोग
उपायुक्त ने कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग काफी खतरनाक हैं। इसी प्लास्टिक के कारण दादरी शहर में गंदगी है और यही प्लास्टिक नालों व सीवर लाइन को ब्लाक कर रहा है। यही नहीं दादरी के पुराने तालाबों में भी प्लास्टिक की भरमार हैं, जिसके कारण वहां गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सबको मिलकर सामूहिक प्रयास करने चाहिए।
25 हजार रुपये तक के किए जाएंगे चालान
उपायुक्त ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जारी आदेशों के अनुसार 120 माइक्रोन से कम वाली प्लास्टिक का प्रयोग वर्जित है। इससे अधिक माइक्रोन की प्लास्टिक करने वालों के 25 हजार रुपये तक के चालान किए जा सकते हैं। उन्होंने आदेश दिए कि सभी संबंधित विभाग आदेशों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करें।
खतरनाक है प्लास्टिक और कचरा जलाना
प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड आरओ ने बताया कि प्लास्टिक या कूड़े को जलाने से पर्यावरण को सबसे अधिक नुकसान होता है। इसको लेकर भी एनजीटी द्वारा स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए हुए हैं और जल्द ही एनजीटी की टीम जिला का दौरा भी करेगी। प्लास्टिक या कूड़े को जलाने के मामलों पर प्रतिबंध लगाना संबंधित नगर परिषद का काम है और अगर एनजीटी की टीम को ऐसा कोई मामला मिलता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. जयेंद्र सिंह, एसडीएम नवीन कुमार, डीएसपी अशोक कुमार, डीईओ कृष्णा फौगाट, मार्केट कमेटी सचिव परमजीत नांदल, डीएफएससी केके गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।