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हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था में बदलाव: निजी कंपनी को मिला लाइसेंस, उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प

Mon, 19 Oct 2026 07:12 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

अब कंपनी का नेटवर्क पहुंचने के बाद उपभोक्ता मौजूदा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएनएल) और नई कंपनी में से किसी एक को चुन सकेंगे। 
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निजी कंपनी को बिजली वितरण लाइसेंस - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का लाइसेंस दे दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार एक ही क्षेत्र में दो बिजली वितरण कंपनियों के संचालन का रास्ता खुल गया है। 

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अब कंपनी का नेटवर्क पहुंचने के बाद उपभोक्ता मौजूदा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएनएल) और नई कंपनी में से किसी एक को चुन सकेंगे। आयोग का यह फैसला 19 अक्तूबर को जारी आदेश में आया है। इसके दायरे में घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा किसान, दुकानदार, औद्योगिक इकाइयां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी आएंगे। दोनों जिलों में 8.3 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को भविष्य में वितरण कंपनी चुनने का विकल्प मिल सकेगा। हालांकि, मौजूदा उपभोक्ताओं को तत्काल कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है। वर्तमान वितरण निगम पहले की तरह बिजली आपूर्ति करता रहेगा। 

पांच साल में बनेगा नया नेटवर्क
इलेवन पावर ने गुरुग्राम शहर, गुरुग्राम उपनगरीय क्षेत्र, मानेसर, सोहना और नूंह में चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विकसित करने की योजना बनाई है। यह काम पांच साल में पूरा करने का प्रस्ताव है। नूंह को पहले चरण में शामिल किया गया है। नई व्यवस्था के तहत वित्त वर्ष 2027-28 से उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति शुरू करने की योजना है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक नेटवर्क के विकास पर 4,717 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। 
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80 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से लेने की योजना
कंपनी की प्रस्तावित योजना में लगभग 80 प्रतिशत बिजली सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से तथा 20 प्रतिशत ताप बिजली स्रोतों से लेने की बात कही गई है। नए नेटवर्क में स्मार्ट मीटर, डिजिटल बिलिंग और बिजली वितरण प्रबंधन प्रणाली जैसी तकनीकें शामिल करने का प्रस्ताव है। कंपनी का दावा है कि इससे आपूर्ति की विश्वसनीयता और शिकायतों के निपटारे में सुधार होगा। 

60 दिन में देनी होगी कार्ययोजना
आयोग ने कंपनी को पहले चरण की विस्तृत कार्ययोजना और नई कंपनी में जाने के इच्छुक उपभोक्ताओं के लिए स्थानांतरण प्रक्रिया 60 दिन में प्रस्तुत करने को कहा है। इस व्यवस्था का विरोध भी हुआ था। सरकारी बिजली निगमों और बिजली कर्मचारी संगठनों ने समान क्षेत्र में दूसरी कंपनी को लाइसेंस देने पर आपत्तियां उठाई थीं। अब आगे की चुनौती निर्धारित समय में नेटवर्क तैयार करने, उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति देने और नई व्यवस्था को लागू करने की होगी।
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