हरियाणा रियल एस्टेट एपीलेट ट्रिब्यूनल ने सुनाया अहम फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा रियल एस्टेट एपीलेट ट्रिब्यूनल ने एक अहम फैसले में गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट कंपनी प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को उपभोक्ता के 18.50 लाख रुपये ब्याज समेत लौटाने के आदेश दिए हैं। यह फैसला उस समय आया जब शिकायतकर्ता नेहा गुप्ता ने रेरा द्वारा दो साल पहले खारिज की गई अपनी याचिका के खिलाफ ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया।
दरअसल नेहा गुप्ता के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2022 में कंपनी के गुरुग्राम प्रोजेक्ट में एक वाणिज्यिक संपत्ति बुक कराई थी। कंपनी ने उन्हें 50 फीसदी छूट के साथ 3,975 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर पर संपत्ति देने का वादा किया था। साथ ही नौ साल तक 18 फीसदी वार्षिक रिटर्न की स्कीम भी दिखाई गई थी। इसी भरोसे पर नेहा ने 18.50 लाख रुपये निवेश कर दिए।
नेहा के मुताबिक बाद में कंपनी ने आवंटन पत्र भेजते समय 1.72 करोड़ रुपये की जगह 3.44 करोड़ रुपये की मांग कर दी। जब शिकायतकर्ता ने इस पर सवाल उठाए तो कंपनी ने उनका आवंटन रद्द कर दिया और जमा राशि भी जब्त कर ली। इस पर नेहा ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई लेकिन अथॉरिटी ने याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद नेहा गुप्ता ने ट्रिब्यूनल में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान कंपनी ने दलील दी कि खरीदार ने नियमों के मुताबिक पूरी राशि जमा नहीं की इसलिए आवंटन रद्द किया गया लेकिन ट्रिब्यूनल ने माना कि कंपनी ने सेवा में लापरवाही बरती और मनमाने तरीके से आवंटन रद्द किया। ट्रिब्यूनल ने रेरा का फैसला पलटते हुए कंपनी को 18.50 लाख रुपये ब्याज समेत शिकायतकर्ता को लौटाने के आदेश दिए। इस फैसले को रियल एस्टेट उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत और कंपनियों के लिए चेतावनी माना जा रहा है ताकि वे निवेशकों के साथ मनमानी न करें।