सरकार ने एनओसी, डुप्लीकेट एवं पुनः आवंटन, कन्वेयन्स डीड, संपत्ति के पुनः हस्तांतरण तथा कृषि कार्यों के दौरान चोट या मृत्यु पर विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद अनुग्रह सहायता जैसी सेवाओं के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की है।
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) की 10 सेवाओं को हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित कर दिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिसूचना जारी की है।
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नई व्यवस्था के तहत किसानों को जे-फॉर्म अब एक कार्यदिवस में जारी किया जाएगा। वहीं मंडियों में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई दो दिन के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।
सरकार ने एनओसी, डुप्लीकेट एवं पुनः आवंटन, कन्वेयन्स डीड, संपत्ति के पुनः हस्तांतरण तथा कृषि कार्यों के दौरान चोट या मृत्यु पर विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद अनुग्रह सहायता जैसी सेवाओं के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की है। बेबाकी प्रमाण-पत्र और मॉर्गेज के लिए एनओसी 15 दिन में जारी होगी, जबकि निर्विवाद मृत्यु के मामलों में संपत्ति के पुनः हस्तांतरण और अनुग्रह सहायता के लिए 60 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
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अधिकांश सेवाओं के लिए संबंधित सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी को नामित अधिकारी बनाया गया है। जे-फॉर्म के लिए मंडी सुपरवाइजर या सहायक सचिव तथा शौचालय सफाई के लिए मंडी समिति सचिव जिम्मेदार होंगे। समयसीमा का पालन नहीं होने पर शिकायत के लिए प्रथम और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।