- एचएसपीसीबी के चेयरमैन की अध्यक्षता में कमेटी करेगी काम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य सरकार प्रदेश में प्रदूषण खत्म करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों को मजबूती देने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें उद्योग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई, शहरी स्थानीय निकाय, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव टास्क फोर्स के सदस्य सचिव होंगे। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार को सचिवालय में यमुना कैचमेंट एरिया में चलने वाली और भविष्य में शुरू होने वाली दोनों तरह की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) परियोजनाओं की स्थिति की हर दो सप्ताह में समीक्षा करें। वर्तमान में, 1518 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) की संयुक्त क्षमता वाले 90 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) चालू हैं। वहीं, 184.5 एमएलडी की क्षमता वाले 17 सीईटीपी प्रभावी रूप से औद्योगिक अपशिष्ट का प्रबंधन कर रहे हैं।
निर्माणाधीन 28 एसटीपी के 31 मार्च तक संचालन की उम्मीद
मुख्य सचिव ने प्रदेश में सीवेज उपचार क्षमताओं को बढ़ाने के लिए निर्माणाधीन तीन नए एसटीपी को 31 मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताई है। इसी तरह 213 एमएलडी की क्षमता वाले सात मौजूदा एसटीपी को अपग्रेड किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के तहत 587 एमएलडी की कुल क्षमता वाले 10 नए एसटीपी प्रस्तावित हैं। इसी तरह कुताना और बड़ी में 19 एमएलडी की संयुक्त क्षमता वाले दो सीईटीपी को तत्काल अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं। बढ़ते औद्योगिक डिस्चार्ज से निपटने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 146 एमएलडी की कुल क्षमता वाले आठ नए सीईटीपी प्रस्तावित हैं। फरीदाबाद के प्रतापगढ़ में 50 एमएलडी सीईटीपी की स्थापना के लिए 824 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। संबंधित विभागों के सदस्यों की एक संयुक्त टीम अगले 10 दिनों के भीतर निरीक्षण करेगी।