-16,462 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया किसानों का
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में इस बार गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार के साथ मंडियों में गेहूं खरीद का चार साल का रिकॉर्ड भी टूटा है। प्रदेश की 417 मंडियों में अब तक 74.95 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। इसमें से 72.90 लाख मीट्रिक टन सेंट्रल पूल और 2.05 लाख मीट्रिक टन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए की गई। अब तक 73.03 एलएमटी गेहूं की उठान की जा चुकी है।
इस खरीद पर राज्य सरकार 4,68,636 किसानों को 16 हजार 462 करोड़ 70 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुकी है। पिछले सीजन के मुकाबले इस बार 12,030 किसान ज्यादा किसान अपनी फसल मंडी में बेचने के लिए आए। वहीं, 3.45 एलएमटी गेहूं की खरीद में भी वृद्धि हुई है। साल 2024-25 में 4,56,606 किसान और इस बार 4,68,636 किसानों से खरीद की गई है, यानी 12030 किसानों बढ़े हैं। राज्य में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम ने यह खरीद की है।
साल दर साल बढ़ता रकबा
साल 2021-22 में 23.10 लाख हेक्टेयर, 2022-23 में 23.76लाख हेक्टेयर, 2023-24 में 25.09 लाख हेक्टेयर और 2024-25 में 26.07 लाख हेक्टेयर गेहूं का रकबा तय था।
साल दर साल ऐसे बढ़ी गेहूं खरीद
साल - गेहूं (एलएमटी)
2022-23 - 41.85
2023-24 - 63.17
2024-25 - 71.50
2025- 26 - 74.95
7.74 लाख मीट्रिक टन सरसों भी खरीदा गया
साल 2025-26 में 15 अप्रैल से 1 मई तक हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 7.74 लाख मीट्रिक टन सरसों का उठान किया है। अभी तक प्रदेश के 2,59,400 किसानों को सरसों खरीद का 4312.52 करोड़ रुपये भुगतान भी किया गया है। पिछले वर्ष 11.04 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई थी।