एकजुट हुए कई अफसर
पोस्टिंग या फिर किसी मामले में खुद पर आरोप या प्रत्यारोप के कारण नाराज चल रहे कई अफसरों में वाई पूरण कुमार के प्रकरण के बाद सुगबुगाहट है और अब वह एकजुट होकर इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई चाह रहे हैं। अमनीत पी कुमार भी चाहती हैं कि सुसाइड नोट में उनके पति ने जिन अफसरों का नाम लिखा है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। अफसरों के इन रुख से अफसरशाही के एक वर्ग में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार भी चाहती है कि इस मामले में कोई कोताही न बरती जाए। इससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
सरकार को नहीं दी जानकारी
एक अफसर का कहना है कि शराब ठेकेदार से मंथली के मामले में जिस तरह से रोहतक के एसपी ने बयान दिया है कि आरोपी ने पूछताछ में वाई पूरण कुमार का नाम लिया है, वह किसी के गले से उतर नहीं रहा है। एक जिम्मेदार पुलिस अफसर को मीडिया में कम से कम ऐसा बयान तो नहीं देना चाहिए था, वह भी तब जब पूरण कुमार ने सुसाइड कर लिया हो।
वहीं सूत्र बताते हैं कि सरकार को भी इस बात की जानकारी नहीं थी। हरियाणा सरकार के एक बड़े अफसर ने इस बात से इंकार किया है कि उन्हें रोहतक प्रकरण की कोई जानकारी थी। वहीं एफआईआर दर्ज करने की टाइमिंग पर भी सवाल खड़े गए हैं। इतने बड़े मामले में एफआईआर तब दर्ज की गई जब सीएम राज्य से बाहर थे।