चंडीगढ़। भगवान हनुमान के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट करने के आरोपी लॉ छात्र को अग्रिम जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समाजिक हितों के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अग्रिम जमानत पर निर्णय लेते समय अदालत को अपराध की गंभीरता, आरोपी की भूमिका, निष्पक्ष जांच की जरूरत और समाज पर उसके व्यापक प्रभाव को ध्यान में रखना होता है।
रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और प्रारंभिक जांच से आरोपों के समर्थन में प्रथमदृष्टया पर्याप्त आधार बनता है। एफआईआर में आरोपी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है और जांच के दौरान उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी जब्त किए जा चुके हैं। ब्यूरो