-आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को को दी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मानेसर जमीन घोटाले के मामले में हरियाणा के पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हुड्डा ने पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही आगे बढ़ाने का फैसला किया था।
हुड्डा ने याचिका में 19 सितंबर को जारी सीबीआई जज के आदेश को रद्द करने की मांग की है। आदेश में अदालत ने हुड्डा की वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने कार्यवाही स्थगित करने की मांग की थी। साथ ही अदालत ने अगले दिन आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था। अब यह मामला 30 अक्तूबर को विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई के लिए तय है। हुड्डा की ओर से दलील दी गई है कि ट्रायल कोर्ट का आरोप तय करने का निर्णय कानूनन गलत है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ सह-आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई गई है। ऐसे में आरोप तय करना मुकदमे को अलग-अलग हिस्सों में बांटने जैसा होगा, जो कानूनन मान्य नहीं है। याचिका में कहा गया है कि आरोप पत्र में सभी अभियुक्तों के खिलाफ साजिश के समान आरोप लगाए गए हैं जो आपस में इतने जुड़े हुए हैं कि उन्हें अलग-अलग नहीं किया जा सकता। हुड्डा के वकील ने दलील दी कि विशेष अदालत ने केवल इस आधार पर हुड्डा की अर्जी खारिज कर दी कि सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही पर रोक केवल उन्हीं आरोपितों के लिए लगाई है जिन्होंने विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने सीबीआई को 16 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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यह है मामला
आरोप है कि मानेसर और आसपास के गांवों के किसानों से सरकारी उद्देश्य के नाम पर सैकड़ों एकड़ जमीन सस्ते दामों पर अधिग्रहित की गई लेकिन बाद में इसे रियल एस्टेट कंपनियों, बिल्डरों और कॉलोनाइजरों को अत्यधिक रियायतों के साथ लाइसेंस जारी कर दिए गए। इस पूरे प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा समेत कई पूर्व अधिकारी और अन्य व्यक्ति आरोपित बनाए गए हैं।