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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में छोटे कारीगरों के लौटेंगे अच्छे दिन

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आर्टिजन कार्ड बनने की शुरुआत, छोटे कारीगरों को व्यापार शुरू करने सहित कई लाभ मिलेंगे
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चंडीगढ़। प्रदेश में छोटे कारीगर खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर हाथ की कारीगरी करने वाले कामगारों के अब अच्छे दिन लौटेंगे। राज्य सरकार की तरफ से कारीगरों के आर्टिजन कार्ड बनने की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत आर्थिक तंगी व पहचान नहीं मिलने के कारण विलुप्त होते छोटे कारीगरों को नई पहचान के साथ व्यापार शुरू करने में वित्तीय मदद मिलेगी। साथ ही सरकार उनके काम को भी देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में मदद करेगी।
हरियाणा लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड की तरफ से प्रदेश में विभिन्न तरह के कारीगरों की पहचान प्रक्रिया जारी है। अभी तक प्रदेशभर में 70 से 80 श्रेणी के कारीगरों की सक्रियता की संभावना मिल रही है। इनमें बांस, लोहा, लकड़ी, मिट्टी, सोना-चांदी, पत्ता, पेटिंग सहित अन्य तरह के कारीगर शामिल हैं। इसमें हरियाणा राज्य स्वर्णकार संघ सहित अन्य व्यापारी वर्गों को सहयोगी बनाया गया है। इनकी मदद से जिला स्तर पर कारीगरों की पहचान व कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
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रोहतक से योजना आरंभ
बोर्ड और व्यापारी वर्ग की तरफ से इस योजना का आरंभ सबसे पहले रोहतक जिले में हुआ है। यहां पर 340 हस्तकला के कारीगरों ने आर्टिजन कार्ड के लिए आवेदन किया है। इसके बाद झज्जर, कैथल, यमुनानगर और अन्य जिलों को चिन्हित किया गया है।

ये सरकारी सहायता मिलेगी
कार्डधारक कारीगरों को देशभर में लगने वाले सरकारी मेलों में मुफ्त स्टॉल लगाने की सुविधा के साथ उन्हें आने-जाने का किराया भी मिलेगा। इनमें युवा कारीगरों को 10 लाख रुपये तक का मुद्रा लोन 50 फीसदी सब्सिडी पर मिलने के साथ तीन लाख रुपये तक का गारंटी मुक्त लोग मिलेगा। इस लोन पर 5 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज निर्धारित है।
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हरियाणा स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना को राज्य सरकार की मदद से धरातल पर लागू किया गया है। इससे हस्तकला के कारीगरों का आर्टिजन कार्ड बनाकर उन्हें एक विशेष पहचान दी जाएगी। हरियाणा लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड के साथ व्यापारी वर्ग भी काम कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के गावों में विलुप्त होती हस्तकला को बढ़ावा देना है।
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