-सीएम बोले-अधिकारियों को दिए हैं निर्देश...जल्द खोला जा सकता है ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले एक सप्ताह में गेहूं की फसलों व फानों को आग लगने के मामले एकदम से बढ़े हैं। इससे प्रदेश में तीन हजार से अधिक एकड़ में फसल व उसके अवशेष जल गए। रविवार को भी जींद के कई गांवों में आग की घटनाएं सामने आई। इसके बाद हरियाणा सरकार किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने में जुटी गई हैं। रविवार को छुट्टी के दिन कई जिलों में कृषि विभाग की टीमें गांवों में जाकर रिपोर्ट बनाती नजर आईं। नुकसान की रिपोर्ट बनने के बाद किसानों के लिए ई-क्षतिपोर्टल खोला जाएगा। नुकसान को लेकर कुरुक्षेत्र में सीएम नायब सिंह सैनी ने भी कहा कि आंधी से जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट सौंपने और आग के कारणों का पता लगाने के लिए कहा है। इस रिपोर्ट के बाद ही सरकारफैसला लेगी।
हिसार में पिछले तीन दिन में 150 एकड़ में गेहूं की फसल जली है। ये घटनाएं लांधड़ी, डाटा, किरतान-सीसवाला, रामायण-ढंढेरी, मिर्जापुर, माजरा, बूरे ब्राह्माणान, चंदन नगर, आर्य नगर से पातन रोड और मिर्चपुर में हुईं। वहीं, फतेहाबाद में 10 जगहों पर 87 एकड़ व जींद में 14 जगहों पर 107 एकड़ जली है। फतेहाबाद में 210 एकड़ में भूसा भी जला है। इसी तरह, सिरसा में 10 गांवों में आग से 500 एकड़ गेहूं, चरखी दादरी व सोनीपत में चार-चार जगहों पर 14 व 23 एकड़ व भिवानी में पांच एकड़, झज्जर के जहाजगढ़ में 20 एकड़ फसल प्रभावित हुई। वहीं, नारनौल में आठ व रोहतक में 20 मामले आ चुके हैं।
इनके अलावा, कुरुक्षेत्र के चंद्रभानपुर गांव में 120 एकड़, खासपुर गांव में 54 एकड़ व तिसर गांव में 34 एकड़, अंबाला के तेपला इलाके में आठ एकड़, पानीपत के समालखा के मनाना गांव में 16 एकड़ में गेहूं व 24 एकड़ में फाने और यमुनानगर के ताजेवाला के पास दो एकड़ फसल जली है। कैथल भी 40 स्थानों पर आग लगी। इसी तरह, करनाल के निसिंग गुनियाना गांव में चार एकड़, इंद्री के समोरा गांव में तीन एकड़ व घीड़ गांव में कई एकड़ फसल को नुकसान हुआ।
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इधर... उठान
में नहीं आ रही तेजी
प्रदेश की 417 मंडियों में 20 अप्रैल तक कुल 54.64 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इनमें अभी तक 47 मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री भी हो चुकी है। अभी तक कुल 19.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो सका है, जोकि एक दिन पहले 16.44 एलएमटी था। धीमे उठान के बाद सरकार अब तक प्रदेश के तकरीबन पौने तीन लाख किसानों को 3208 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है।
भाकियू ने कहा-और कितना नुकसान झेलेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि मंडियों में एक-एक सप्ताह तक गेहूं की उठान नहीं हो रही है। सरकार या राजनेताओं के नजदीकी लोग सस्ते में ट्रांसपोर्टेशन और लेबर का टेंडर ले लेते है। जब काम करने की बात आती है तो जहां उठान में 100 ट्रक लगाने थे, उसकी जगह 50 ट्रक ही लगाते हैं। ऐसी स्थिति में उठान में कमी के कारण गेहूं के बोरियों की बेतहाशा भंडारण होने लगता है। गेहूं उठान के लिए जिम्मेदारी और समय दोनों तय करने की आवश्यकता है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि प्रशासन की बदइंतजामी के कारण उठान नहीं हो पा रहा है। सीजन से पहले सरकार के सभी दावों की पोल खुल गई। अव्यवस्था व एजेंसियों की मनमानी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
नहीं रुक रही आग की घटनाएं, जींद व गन्नौर में फसल जली
रविवार को जींद में अलग-अलग स्थानों पर खेतों में लगी आग के कारण करीब 50 एकड़ खड़ी गेहूं फसल, तूड़ी व ट्रैक्टर और रीपर समेत 20 एकड़ गेहूं के फाने जल गए। ढाठरथ गांव में ट्रैक्टर के साथ रीपर से तूड़ी बनाते समय ट्रैक्टर गर्म होने के कारण आग भड़क गई। आग ने रीपर और फानों को चेपट में ले लिया। वहीं सोनीपत के गन्नौर के पबनेरा गांव में शॉर्ट-सर्किट के चलते देर रात गेहूं के खेत में आग लग गई। तीन एकड़ में गेहूं की फसल जल गई।