प्रदेश सरकार 35 करोड़ बजट का प्रावधान करते हुए एटीएस के लिए 575 पदों को दे चुकी है मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के गठन पर वित्त विभाग ने पुलिस विभाग से ब्योरा मांगा है। सूत्रों के अनुसार वित्त विभाग ने गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से पूछा है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एटीएस किस ढांचे पर काम कर रही है। वहां कितने पद स्वीकृत हैं, विशेष हथियारों और प्रशिक्षण पर कितना खर्च हो रहा है तथा कर्मचारियों को किस प्रकार के अतिरिक्त भत्ते दिए जाते हैं।
असल में वित्त विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हरियाणा में प्रस्तावित 575 पदों वाली एटीएस संरचना व्यावहारिक व आर्थिक रूप से उचित और दूसरे राज्यों के अनुरूप है या नहीं। साथ ही भविष्य में वेतन, जोखिम भत्ता, प्रशिक्षण केंद्र और आधुनिक उपकरणों से पड़ने वाले वित्तीय भार का सही आकलन किया जा सके इसलिए विभाग ने विस्तृत तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी है ताकि इसे अंतिम मंजूरी दी जा सके।
हरियाणा पुलिस मुख्यालय ने डीजीपी की ओर से जवाब भेजते हुए कहा है कि एटीएस गठन में देरी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर असर डाल सकती है। इसके लिए केंद्र के मॉडल ढांचे का हवाला दिया है। राज्य सरकार पहले ही एटीएस गठन के लिए 35 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ 575 अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों को मंजूरी दे चुकी है।
प्रस्तावित ढांचे के तहत एटीएस का नेतृत्व आईजीपी स्तर का अधिकारी करेगा। इसमें 4 एसपी, 9 डीएसपी सहित वैज्ञानिक और कानूनी विशेषज्ञों की भी नियुक्ति होगी। कर्मचारियों को बेसिक वेतन पर 30 फीसदी तक जोखिम भत्ता देने का प्रस्ताव है। सरकार एटीएस के लिए अलग कार्यालय, प्रशिक्षण केंद्र, आधुनिक हथियार, बख्तरबंद वाहन और उच्च तकनीक निगरानी संसाधन विकसित करेगी। अब वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इस इकाई के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।