- खेल विभाग ने निर्देश जारी किए
चंडीगढ़। प्रदेश की खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों की बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू हो गई है। इस संबंध में खेल विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार एक माह में 22 हाजिरी लगाने वाले खिलाड़ी ही भत्ते के हकदार होंगे। खेल विभाग के निर्देशों के अनुसार बायोमीट्रिक मशीन की व्यवस्था संबंधित संस्था को अपनी ओर से करनी होगी।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने 26 जुलाई को नर्सरियों में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था करने का एलान किया था। इस व्यवस्था से खिलाड़ियों की सटीक हाजिरी के साथ उनके भत्ते व अन्य व्यवस्थाओं को भी जोड़ा गया है। इस व्यवस्था से सरकार की सुविधाओं और खिलाड़ियों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रदेशभर में 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को प्रतिमाह दो हजार रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को तीन हजार रुपये डाइट भत्ता मिलता है जोकि इस वर्ष से 500 रुपये की वृद्धि की गई है। इस बायोमीट्रिक हाजिरी से यह साफ रहेगा कि वास्तव में नर्सरी आकर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को लाभ मिल रहा है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक पहले नर्सरियों में खिलाड़ियों की हाजिरी को लेकर खेल विभाग में शिकायतें भी जा रही थी।
प्रदेशभर में 1500 हजार नर्सरियां संचालित है इनमें 500 सरकारी और 1000 नर्सरियां निजी संस्थाओं की तरफ से संचालित है जबकि और 500 नर्सरियों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। इन नर्सरियों में कुश्ती, कबड्डी, मुक्केबाजी, योगा सहित अन्य तरह के खेलों का प्रशिक्षण खिलाड़ियों को मिलता है।
कोचों के मानदेय का इंतजार
प्रदेश के जूनियर कोच का मानदेय 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये और सीनियर कोच को 25 हजार के बजाय 30 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की घोषणा की गई है। हालांकि, अभी तक कोचों को अपने नए मानदेय का इंतजार है। खेल विभाग के अनुसार जल्द ही मानदेय भी बढ़कर कोचों को मिलना शुरू हो जाएगा।