- 17 सितंबर से 100 दिन का अभियान, हर मरीज की जांच-इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होने तक होगी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में एनीमिया के मामलों में कमी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब अगले एक साल में इनकी संख्या 10 फीसदी और घटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 17 सितंबर से 100 दिन का विशेष अभियान शुरू होगा। इसमें सिर्फ एनीमिया की पहचान व इलाज तक बात सीमित नहीं रहेगी बल्कि मरीज के ठीक होने तक उसकी निगरानी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने गुरुवार को चंडीगढ़ में राज्यस्तरीय कार्यशाला में अभियान की जानकारी दी। एनीमिया ट्रैकिंग वेब एप्लीकेशन के अनुसार राज्य में ट्रैक किए गए मामलों का प्रसार 2022-23 में 59.3 प्रतिशत था जो जून 2026 में घटकर 47.7 प्रतिशत रह गया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत व ग्रामीण विकास, शहरी निकाय, युवा एवं खेल, जल एवं स्वच्छता और जनसंचार विभागों के साथ मिलकर काम करेंगे। जिलों को जिला व ब्लॉक स्तर की समितियां सक्रिय करने और आयरन-फोलिक एसिड की आपूर्ति लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं में भी सुधार
6 से 59 महीने के बच्चों में एनीमिया 57.7 से घटकर 34.1 प्रतिशत रह गया। 5 से 9 साल के बच्चों में यह 54.8 से घटकर 45.4 प्रतिशत रहा। गर्भवती महिलाओं में यह 69.8 से घटकर 53.3 प्रतिशत और प्रजनन आयु की महिलाओं में 70 से घटकर 63.8 प्रतिशत रहा। अब अभियान में कम वजन वाले छह महीने तक के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा।
जांच से लेकर निगरानी तक चार चरण
अभियान में टेस्ट, ट्रीट, टॉक और ट्रैक यानी जांच, इलाज, सलाह और लगातार निगरानी पर जोर रहेगा। सात लक्षित समूहों पर फोकस, आयरन-फोलिक एसिड, जांच-इलाज, पेट के कीड़ों की दवा, पोषण सलाह समेत सात प्रमुख उपायों पर काम होगा। इसके लिए एनीमिया अभियान मोबाइल एप में तुरंत आंकड़े, अधिक प्रभावित क्षेत्रों का नक्शा और मरीज की व्यक्तिगत निगरानी की सुविधा होगी।