जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बैठक लेकर पानी का सदुपयोग करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भाखड़ा बांध के पानी पर विवाद गहराने के बीच वीरवार को हरियाणा सरकार ने सभी एक्सईएन व जेई को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर के सभी एक्सईएन और जेई को अपना जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त जरूरी कामों के लिए ही पानी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने प्रदेश में पानी की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ सर्कल वार चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में तैनात एसई, एक्सईन, एसडीओ, जेई किसी भी हालत में जिला मुख्यालय न छोड़ें। ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे कहीं पर भी पानी सप्लाई प्रभावित न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए है जिन क्षेत्र में पानी का किल्लत हुई है, वहां आसपास की नहरों से पानी लिफ्ट करके आपूर्ति पूरी करें। वो खुद हर सप्ताह इसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निगरानी करेंगे।
अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि हिसार, सिरसा, महेंद्रगढ़, नारनौल और फतेहाबाद में पानी की दिक्कत ज्यादा है। हालांकि इस किल्लत से निपटने के लिए कारगर कदम उठाए गए है। मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में पानी की किल्लत सामने आई है, उनमें पेयजल की राशनिंग की जा रही है। गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायतों के जरिए जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि लोग पानी का इस्तेमाल सोच समझ कर इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि पंजाब हरियाणा का बड़ा भाई है, इस तरह छोटे भाई का पानी रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है।
15 जिलों में 11,567 नलकूप से पानी आपूर्ति
मंत्री गंगवा ने कहा कि प्रदेश के सात जिलों रोहतक, सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी जिलों में नहरी पानी दिया जाता है। बाकी 15 जिलों में पानी आपूर्ति के लिए 11 हजार 567 नलकूप हैं।
हरियाणा को 20500 क्यूसेक पानी की जरूरत, आपूर्ति 5631 क्यूसेक
हरियाणा को भाखड़ा बांध के अलावा यमुना से पानी आपूर्ति होती है। हरियाणा रोजाना दिल्ली को 1050 क्यूसेक पानी की आपूर्ति करता है। इसमें भाखड़ा बांध से मिलने वाला पानी भी शामिल है। प्रदेश को 93763 क्यूसेक पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
- 20500 क्यूसेक पानी की जरूरत प्रतिदिन हरियाणा को होती है।
- 5631 क्यूसेक पानी की आपूर्ति वर्तमान में हो रही है।
- 4000 क्यूसेक पानी रोजाना भाखड़ा बांध से प्रदेश को मिल रहा है। इसमें से 800 क्यूसेक राजस्थान, 500 क्यूसेक दिल्ली और पंजाब को 400 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। इस तरह हरियाणा को सिर्फ 2300 क्यूसेक पानी मिल रहा है।
- 1631 क्यूसेक पानी की आपूर्ति यमुना से हो रही है। जबकि सामान्य दिनों में यमुना से 12000 क्यूसेक पानी मिलता है। पानी कम होने से यमुना से आपूर्ति घट गई है।
- 7175 क्यूसेक पानी नलकूप के जरिये सप्लाई होता है।
- 8500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति भाखड़ा बांध से अपेक्षित है। इसमें से 6800 क्यूसेक पानी हरियाणा को मिलेगा।
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पानी मिलने पर भी 72 घंटे बाद होगी स्थिति सामान्य
हरियाणा सिंचाई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भाखड़ा से हरियाणा को पूरे पानी की आपूर्ति शुरू होने के तकरीबन 12 घंटे में प्रदेश के सभी कांटेक्ट प्वाइंट पर पानी पहुंच जाएगा। हालांकि, प्रदेशभर में स्थिति सामान्य होने में 72 घंटे का समय लगेगा।