मृतक बलवंत सिंह की पत्नी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि तीनों आरोपी उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे थे और गलत काम के लिए दबाव बना रहे थे। परिजनों के अनुसार, इसी मानसिक दबाव के चलते बलवंत परेशान थे।
हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से व्यक्ति के कूदकर आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मृतक बलवंत सिंह की पत्नी प्रमिला ने सेक्टर-3 थाना पुलिस को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने हरियाणा के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर (सीएफओ) अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश गोयल को आरोपी बनाया है। तीनों आरोपी सेक्टर-6 के हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) में तैनात थे।
मृतक बलवंत सिंह की पत्नी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि तीनों आरोपी उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे थे और गलत काम के लिए दबाव बना रहे थे। परिजनों के अनुसार, इसी मानसिक दबाव के चलते बलवंत परेशान थे। मंगलवार को परिजनों के पहुंचने के बाद सेक्टर-16 अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। यह प्रक्रिया दोपहर करीब एक बजे से शाम साढ़े चार बजे तक चली। इस
विज्ञापन
दौरान सेक्टर-3 थाना प्रभारी भी अस्पताल में मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक की पत्नी, भाई कृष्ण और अशोक पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में मौजूद रहे। बुधवार को अंतिम संस्कार झज्जर स्थित पैतृक गांव मुंडा हेरा में किया जाएगा। मृतक के भाई राजपाल ने आरोप लगाया कि तीन वरिष्ठ अधिकारी लगातार बलवंत पर दबाव बना रहे थे। ये सभी अधिकारी उनके सीनियर थे और उन्हें फंसाने की साजिश रच रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे।
वहीं, सेक्टर-3 थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मृतक का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं मोबाइल में कोई आखिरी नोट तो नहीं लिखा गया। इसके अलावा परिजनों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है कि आत्महत्या से पहले उन्होंने किसी को कोई कॉल या संदेश तो नहीं किया था। 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में अमित दीवान पहले से ही जेल में बंद है। मृतक अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गया है।