दूसरे दलों से आए नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी, अब नेता पार्टी लाइन से हटे तो गिरेगी गाज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस में गुटबाजी, बयानबाजी, अनुशासनहीनता और मनमानी टिप्पणी करने वाले नेता व कार्यकर्ता अब अनुशासन में रहेंगे। नेताओं के बीच टकराव भी कम होगा। लंबे समय बाद कांग्रेस में पांच सदस्यीय अनुशासनात्मक समिति का गठन किया गया है। अब पार्टी लाइन से हटकर चलने वालों पर गाज गिरेगी। पांच सदस्यीय अनुशासनात्मक कमेटी के गठन का आदेश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जारी किया है। कमेटी की अध्यक्षता पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल मलिक करेंगे। एडवोकेट रोहित जैन सचिव और विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी व पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी सदस्य बनाए गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी, दूसरे नेताओं पर टिप्पणी और सभा व बैठकों में अनुशासनहीनता की घटनाएं तेज हो गई थीं। छह अक्तूबर को प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने के साथ ही राव नरेंद्र ने अनुशासन समिति बनाने की मांग रख दी थी। तब प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने एलान किया था कि जल्द ही कांग्रेस की एक अनुशासनात्मक कमेटी होगी, इसके लिए हाईकमान को पैनल राव नरेंद्र ने भेजा था। राव नरेंद्र के मुताबिक कमेटी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह कमेटी पार्टी नेताओं के आचार-व्यवहार, आंतरिक अनुशासन और सदस्य-व्यवहार से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच और तत्काल कार्रवाई के लिए बनाई गई है।
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चुनिंदा नेताओं पर रोक-टोक लगाने का चलन न शुरू हो जाए
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में एक गुट आकलन लगा रहा है कि कमेटी की आड़ में चुनिंदा नेताओं पर रोक-टोक लगाने का चलन न शुरू हो जाए। यह भी चर्चा है कि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल मलिक कांग्रेस छोड़कर हजकां में चले गए थे, अकरम खान बसपा से कांग्रेस में आए, कैलाशो सैनी इनेलो से कांग्रेस और फिर भाजपा से आई हैं कांग्रेस में आई हैं। अनिल धंतौड़ी भी कांग्रेस से भाजपा और फिर वापस आए हैं।