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Chandigarh-Haryana News: फरवरी तक 17 जिलों में तैयार हो जाएंगे डे केयर सेंटर

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हर जिले के दो डॉक्टर और दो नर्सों की ट्रेनिंग पूरी, जिले में नियुक्त होगा नोडल अधिकारी
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सेंटरों में लगाए जाने वाले उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर भी लगाए




आशीष वर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा के 17 जिलों में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर सेंटर अगले चार महीने में खोल दिए जाएंगे। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 जिलों के दो डॉक्टर और दो नर्सों को कैंसर इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग दिलवा दी गई है। इनमें से एक डॉक्टर को अपने जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ये अधिकारी नेशनल इंस्टीट्यूट के साथ समन्वय बनाकर रखेंगे ताकि गंभीर मरीजों की स्थिति में इन इंस्टीट्यूट से सलाह व सुझाव लिया जा सके। सिविल अस्पतालों में डे केयर सेंटरों के लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। इन सेंटरों में लगाए जाने वाले उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर भी लगा दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पहले चरण में सात और दूसरे चरण में दस जिलों में डे केयर सेंटर शुरू कर दिए जाएंगे। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने अपने 2025-26 बजट में 17 जिलों में डे केयर सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा था। पंचकूला, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर व फरीदाबाद में पहले से ही डे केयर सेंटर चल रहे हैं। राज्य सरकार का मकसद सभी 22 जिलों में डे केयर सेंटर खोलना है ताकि मरीजों को इलाज के लिए बड़े संस्थानों के चक्कर न लगाने पड़े।
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हरियाणा के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआई रोहतक, बहादुरगढ़ के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एम्स बाढ़सा) में जाना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी खर्च उठाना पड़ता है और समय भी लगता है। इन बड़े संस्थानों में पहले से ही मरीजों की लंबी लाइन लगती है। इससे उन मरीजों को काफी दिक्कत आती थी जिन्हें कीमोथैरेपी लगनी होती थी। डे केयर सेंटर होने से इन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। हरियाणा स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डाॅ. ब्रह्मदीप ने बताया कि डे केयर सेंटर स्थापित करने की तैयारी जोरों पर है। राज्य सरकार का पूरा फोकस कैंसर मरीजों को उनके जिले में सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


डे केयर सेंटर में मिलेगी यह सुविधा

डे केयर सेंटर में कीमोथैरेपी के फाॅलोअप मरीज को भर्ती किया जाएगा। इसमें मरीजों को कीमोथैरेपी दी जाएगी। इसके अलावा कीमोथैरेपी के बाद होने वाले जोखिमों का इलाज व निगरानी की जाएगी। बायोप्सी, कैंसर मार्कर और ब्लड से संबंधित टेस्ट की सुविधा भी होगी। डॉक्टरों को लंग्स कैंसर, ब्रेस्ट, सरवाइकल और ओरल कैंसर की पहचान व उनकी जांच की भी ट्रेनिंग दिलाई गई है ताकि इन कैंसरों के बेसिक लक्षणों से पहचान कर मरीजों का इलाज शुरू किया जा सके।
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हरियाणा में एक साल में 30 हजार नए मरीज

हरियाणा में कैंसर के एक साल में लगभग 30 हजार नए मरीज सामने आते हैं। बीते विधानसभा सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने जानकारी देते हुए बताया था दो सालों में कैंसर के 59,912 मामले दर्ज किए गए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने जानकारी दी थी कि 2023 में 29,437 और 2024 में 30,475 कैंसर रोगियों की पहचान की गई थी। वहीं, हर साल करीब 16 हजार कैंसर मरीज दम तोड़ जाते हैं।
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