अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नशा पीड़ितों के इलाज के लिए प्रत्येक जिला अस्पताल में 10-10 बेड के नशामुक्ति वार्ड बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को अपने आवास पर सुशासन सहयोगियों के साथ समीक्षा बैठक में इसके आदेश दिए। प्रदेश के 23 शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से दुरूस्त हो सके इसके लिए भी मुख्यमंत्री ने कई कड़े निर्देश दिए हैं। कचरा प्रबंधन, सफाई के भी आदेश दिए। नगर निगमों के आयुक्तों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी देते हुए सीवरेज से संबंधित कार्य जनस्वास्थ्य विभाग से समन्वयन बनाकर निस्तारित करने के आदेश दिए हैं।
वीडियो कान्फ्रेसिंग से हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे की आदत से बचाव के लिए अहम कदम उठाते हुए हर जिला अस्पताल में 10 बेड का नशा मुक्ति (डी-एडिक्शन) वार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। इस कार्य की निगरानी सुशासन सहयोगी करेंगे और साक्ष्यों-सबूतों के आधार पर क्रियान्वन की रिपोर्ट भी देंगे। इसके अलावा वार्ड कमेटियों का गठन करने और उनके प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भी रखा।
उन्होंने आदेश दिए कि पहले शहरों में कचरे के ढेर हटाए जाएं। जिन शहरों में सफाई के हालात ठीक नहीं हैं वहां और बेहतर इंतजाम ब्योरा तैयार करके पूरे किए जाएं। उन्होंने नालों व सीवरेज की सफाई, कर्मचारियों की कमी आदि बिंदुओं की समीक्षा की। जनता या शिकायत पोर्टल से मिलने वाली शिकायतों को तुरंत निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों का भी ब्योरा लिया और कहा कि जो सर्वेक्षण के पैरामीटर तय हैं उसके अनुसार काम करें। स्वच्छता का संदेश देने वाले स्लोगन लिखने की बात कही। स्वच्छता के कार्यों में आमजन से भी सहयोग मांगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. यशपाल, आयुक्त एवं सचिव, जनस्वास्थ्य मोहम्मद शाईन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय अशोक कुमार मीणा, महानिदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मकरंद पांडुरंग आदि अधिकारी शामिल रहे।