चंडीगढ़। प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सरकार का प्रयास लगातार जारी है। इसी क्रम के तहत 169.68 करोड़ रुपये खर्च कर अति छोटे, छोटे और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के 11 क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसमें राज्य सरकार की ओर से 20.07 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना के तहत अब तक 158 करोड़ रुपये की 46 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने इसकी जानकारी दी।
मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत अलग से एमएसएमई निदेशालय का गठन किया गया है। इसके तहत मिनी क्लस्टर विकास कार्यक्रम के लिए 90 फीसदी की अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
बताया कि इसी तरह लागू क्लस्टर प्लग एवं प्ले योजना के तहत 358.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 33 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसमें सरकार ने 75.98 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी है।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई निदेशालय की ओर से उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने की योजना भी तैयार की है। इससे अचानक बिजली कटौती के समय उत्पादन क्षमता और समय की हानि को कम किया जाएगा। इस योजना के तहत पूंजीगत खर्च पर वित्तीय सहायता दी जाती है। रोजगार के अवसर पैदा करने, प्रौद्योगिकी एवं कौशल विकास को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए नई उद्यम प्रोत्साहन नीति तैयार की है।