पीएनडीटी टीम ने ग्राहक को 55 हजार रुपये देकर हेमलता के घर भेजा। पैसे लेने के बाद हेमलता ने कहा कि तुम्हारा अल्ट्रासाउंड कल रात 8 बजे होगा, तब आ जाना। इसके बाद 18 जुलाई को हेमलता ने फोन करके कहा कि अल्ट्रासाउंड आज नहीं, कल होगा। फिर 19 और 20 जुलाई को भी मना किया और 22 जुलाई को बुलाया। 22 जुलाई को फिर से मना किया और 24 जुलाई को बुलाया। 24 जुलाई को कहा कि 25 जुलाई को रात साढ़े सात बजे आ जाना अल्ट्रासाउंड हो जाएगा।
इस तरह एक सप्ताह चक्कर कटवाने के बाद आखिरकार 25 जुलाई को डॉ. हेमलता ने ग्राहक का अपने निजी क्लीनिक पर आशीष सैनी उर्फ सुरेश नाम के व्यक्ति से अवैध लिंग जांच करवाई। आशीष नांगलोई से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन झज्जर लेकर आता है। अशीष सैनी और हेमलता ने ग्राहक को बताया कि तुम्हारे पेट में लड़की है। तुम कल आ जाना और इसकी सफाई कर देंगे। इसके 25 हजार रुपये लगेंगे। फिर हेमलता ने स्कूटी पर अपने बेटे विक्रम को बुलाया और उसकी मदद से ग्राहक को अपने घर ले आई। ग्राहक ने घर के पास खड़े पीएनडीटी टीम के सदस्यों को हाथ से इशारा किया।
इशारा पाकर टीम मेंबर्स हेमलता के घर पहुंचे। छानबीन के दौरान टीम को हेमलता के घर से गर्भपात की दवाइयां और औजार मिले। फिर टीम हेमलता और मिथ्या ग्राहक के साथ संगम क्लीनिक आई, लेकिन तब तक अवैध अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति मशीन के साथ फरार हो चुका था। इसके बाद पीएनडीटी टीम ने डॉ. हेमलता, विक्रम एवं आशीष सैनी उर्फ सुरेश के खिलाफ पीसी पीएनडीटी, एमटीपी एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में डॉ. हेमलता और विक्रम को गिरफ्तार कर लिया हैं।