चरखी दादरी कोर्ट के आदेश पर बाढड़ा पुलिस ने एसटीएफ टीम में शामिल रहे
एएसपी अशोक श्योराण सहित दो रिटायर्ड डीएसपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया
है।
उन पर वर्ष 2007 में पिचौपा कलां में फर्जी मुठभेड़ में
लोहरवाड़ा निवासी मुकेश कुमार व संदीप की हत्या करने का आरोप लगा है। कोर्ट
ने यह आदेश मृतक युवक मुकेश की मां शांति देवी के इस्तगासे के तहत दिया
था। अभी तक किसी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बाढडा पुलिस ने
तत्कालीन एएसपी व हरियाणा एसटीएफ प्रभारी अशोक श्योराण, सेवानिवृत्त डीएसपी
रामकिशन व रामअवतार गुज्जर के खिलाफ भादंसं की धारा 302, 120 बी के तहत
मामला दर्ज कर लिया है। याचिकाकर्ता पहले भी हाईकोर्ट में अपील कर चुकी थी,
जिस पर वरिष्ठ न्यायाधीश केसी पुरी ने स्थानीय न्यायालय में अपील करने का
आदेश दिया था। थाना प्रभारी देशराज ने बताया कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं
की गई है।
पुलिस ने इन्हें मार गिराया था
लोहरवाड़ा
निवासी मुकेश कुमार पुत्र नफे सिंह व संदीप पुत्र कप्तान सिंह पर मार्च
2007 में हांसी में व्यापारियों से फिरौती मांगने का मामला प्रकाश में आया
था। उन पर हांसी में दो व्यापारियों की हत्या का भी आरोप लगा। इस मामले को
लेकर प्रदेश भर के बाजार बंद रहे, जिस पर डीजीपी ने एसटीएफ प्रभारी एएसपी
अशोक श्योराण को इन दोनों को गिरफ्तार करने की जिम्मेवारी सौंपी। उनकी टीम
ने 2007 में पिचौपा कलां में हुई मुठभेड़ में इन दोनों का इंकाउंटर कर
दिया गया। इस मुठभेड़ में एएसपी अशोक श्योराण की सरकारी रिवाल्वर भी गुम हो
गई थी, जिससे बाद में दिल्ली पुलिस के तेजतर्रार शूटर एसीपी राजबीर सिंह
की गुड़गांव में हत्या की गई थी। एसीपी श्योराण इससे पहले भी पानीपत में
उगाही के आरोपों में घिर चुके हैं।