मौज-मस्ती और रौब झाड़ने के लिए एक बीएएमएस डॉक्टर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर फरीदाबाद से फारच्यूनर गाड़ी चुराई और डेढ़ साल तक उसे जाली नंबर प्लेट लगाकर घूमाते रहे।
पुलिस ने तीनों को नाकेबंदी के दौरान पीछा कर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी खिड़वाली निवासी प्रवीन हुड्डा, भगवतीपुर निवासी दीपक ढुल और कृपाल नगर निवासी अमरजीत को अदालत में पेश किया और वहां से उनका चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। तीनों युवक अच्छे परिवारों से संबंध रखते हैं।
आईजी की विशेष टीम के प्रभारी ललित कुमार को सूचना मिली थी कि तीन युवक चोरी की एक फॉरच्यूनर गाड़ी के साथ घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर प्रभारी ने राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर सेक्टर-14 के पास नाकेबंदी कर दी। इसी दौरान पुलिस ने फॉरच्यूनर गाडी नंबर सीएच-01एडी-9014 को रुकने का इशारा किया।
युवकों ने गाड़ी को रोकने की बजाए भगा दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने गाड़ी का पीछा कर उसे सेक्टर-14 से ही काबू कर लिया। जांच पड़ताल में पता चला कि आरोपी दीपक ढुल गांव ब्राह्मणवास स्थित कॉलेज से बीएएमएस की पढ़ाई कर चुका है और दोनों अन्य आरोपी युवक स्नातक हैं।
फरीदाबाद से चोरी की थी गाड़ी
स्पेशल स्टाफ द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों ने स्वीकारा किया कि करीब डेढ़ साल मौज-मस्ती के लिए फरीदाबाद गए हुए थे। वहां पर उन्होंने एक फॉरच्यूनर गाड़ी खड़ी देखी। बाद में तीनों ने योजना बनाकर उसे चोरी कर लिया। आते ही उसकी नंबर प्लेट बदल दी और अलग-अलग नंबरों की प्लेट लगाकर वह गाड़ी को चला रहे थे। आईजी अनिल राव ने पुलिस टीम को इनाम देने को कहा है।