हिसार उप श्रमायुक्त परमजीत सिंह ढुल और जिला श्रम एवं समझौता अधिकारी इंद्रजीत सिंह मलिक की मध्यस्थता से हरियाणा के जिला भिवानी स्थित बीटीएम और एलिगेंट स्पिनर्स के श्रमिकों का बोनस से संबंधित मसला सुलझा लिया गया है।
दोनों कंपनियों के प्रबंधकों और आधा दर्जन श्रमिक यूनियनों के बीच हुए करार के साथ अब मजदूरों को भविष्य में बढ़ी हुई दरों पर बोनस दिया जाएगा।
स्थानीय रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित बिड़ला ग्रुप की भिवानी टेक्सटाइल मिल और मेसर्ज एलिगेंट स्पिनर्स दो बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं।
इन दोनों कारखानों की आधा दर्जन ट्रेड यूनियनों ने सितंबर माह में बोनस और एक्स ग्रेसिया (अतिरिक्त सहायता) की मांग के लिए मिल प्रबंधकों व श्रम विभाग को मांग पत्र दिया था।
मांग पत्र में बताया गया था कि दोनों कारखानों में लगभग दो हजार नियमित श्रमिक कार्य कर रहे हैं। बीटीएम में काम कर रहे मजदूरों को 23.8 प्रतिशत और एलिगेंट स्पिनर्स के श्रमिकों को 20 प्रतिशत की दर से बोनस दिया जा रहा है।
श्रमिक यूनियन टेक्सटाइल लोक मजदूर संगठन, वस्त्र उद्योग मजदूर संघ, टेक्सटाइल वर्कर्स एसोसिएशन, टेक्सटाइल मजदूर संघ, न्यू हरियाणा मजदूर संघ और मजदूर एकता यूनियन ने मांग पत्र में कहा था कि बोनस की दरों में यदि वृद्धि नहीं की गई तो श्रमिक अंादोलन करने पर मजूबर होंगे।
हिसार उप श्रमायुक्त परमजीत सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने दोनों कंपनियों के प्रबंधकों और श्रमिक नेताओं से बातचीत शुरू की।
तीन-चार दिन तक चले प्रयासों के बाद भिवानी श्रम विभाग कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच बोनस और एक्स-ग्रेसिया मामले को लेकर सहमति करवाई गई।
दोनों पक्षों के बीच यह हुआ समझौता
औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 की धारा 12(3) के अंतर्गत करवाए गए समझौते के अनुसार भिवानी टेक्सटाइल मिल्स के श्रमिकों को वर्ष 2012-13 का 24 प्रतिशत, 2013-14 में 24.25 प्रतिशत, 2014-15 में 24.50 प्रतिशत, वर्ष 2015-16 में 24.75 प्रतिशत और 2016-17 में कुल वार्षिक वेतन पर 25 प्रतिशत बोनस व एक्स-ग्रेसिया दिया जाएगा।
एलिगेंट स्पिनर्स के श्रमिकों को वर्ष 2012-13 का कुल वेतन पर 21 प्रतिशत, वर्ष 2013-14 में 22 प्रतिशत, वर्ष 2014-15 में 23 प्रतिशत, वर्ष 2015-16 में 24 प्रतिशत और 2016-17 में 25 प्रतिशत बोनस और एक्स-ग्रेसिया दिया जाएगा।
बोनस अधिनियम के मुताबिक श्रमिकों को कम से कम 8.33 प्रतिशत और अधिक से अधिक 20 प्रतिशत तक वार्षिक बोनस दिया जा सकता है। निर्धारित बोनस दर से अधिक राशि श्रमिकों को एक्स-ग्रेसिया अर्थात् अतिरिक्त आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी।
इस मामले में कंपनी प्रबंधन की ओर से संस्था प्रमुख मनमोहन सिंह, सलाहकार आर सुब्रहमण्यम, सहायक उपाध्यक्ष हरीश यादव, उपाध्यक्ष अतुल दीक्षित व महाप्रबंधक कौशल तंवर ने अपना पक्ष रखा और श्रमिकों की ओर से कामरेड मानसिंह, रण सिंह, अमरेश राय, राजेंद्र सिंह धाकड़ व चरणसिंह यादव ने पैरवी की।
जिला श्रम एवं समझौता अधिकारी इंद्रजीत सिंह मलिक ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति होने से उत्पादन कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा। उन्होंने कहा है कि श्रमिकों को वर्ष 2016-17 के बाद 25 प्रतिशत की दर से बोनस और एक्स-ग्रेसिया आगे मिलता रहेगा।