फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीटी कॉटन पर सफेद मक्खी का हमला

Thu, 24 Oct 2013 09:43 PM IST
फतेहाबाद/सुरेन्द्र असीजा
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा के जिला फतेहाबाद में बीटी कॉटन को सफेद मक्खी के प्रकोप ने अपनी चपेट में ले लिया है। इससे 30 से 40 फीसदी तक उत्पादन गिरने की आशंका है।
विज्ञापन


हालांकि इससे पहले माना जा रहा था कि बीटी कॉटन पर किसी तरह की बीमारी नहीं लगती। सफेद मक्खी के प्रकोप से किसानाें के चेहरे मुरझा उठे हैं।

जिले में इस साल 75 हजार हेक्टेयर भूमि पर बीटी कॉटन की बिजाई गई थी। भूना, फतेहाबाद और भट्टूकलां खंड में सबसे ज्यादा बिजाई हुई है।

कृषि विशेषज्ञाें के अनुसार सफेद मक्खी के कारण औसत उत्पादन गिरना लाजिमी है। इस साल बीटी कॉटन की प्रथम चुगाई में 4 से 5 मन नरमा की औसत फसल निकली है।

हालांकि अभी दो चुगाई होना बाकी है। किसानाें की औसत के अनुसार तीनाें चुगाइयाें में कुल 13 से 15 मन ही नरमा का उत्पादन होगा, जबकि पिछली बार 22 मन प्रति एकड़ का उत्पादन हुआ था।

गांव जांडली के किसान देसाराम ने बताया कि बीमारी के कारण पहली चुगाई में उसे 4 मन नरमा की पैदावार हुई है।

दूसरी में 6 और तीसरी चुगाई में 3 मन की औसत प्रति एकड़ निकालें तो 13 मन प्रति एकड़ नरमा निकलेगा।

पिछले वर्ष 22 मन प्रति एकड़ निकला था। गांव बनावाली के किसान राममूर्ति ने बताया कि नरमे पर प्रति एकड़ 8 से 10 हजार रुपये खर्च आ चुका है, जबकि फसल पिछले वर्ष से आधी भी निकलने के आसार नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कृषि विभाग का मानना है कि सफेद मक्खी का प्रकोप तो है, लेकिन 10 से 20 फीसदी ही नुकसान होगा।

कृषि विशेषज्ञाें के अनुसार रतिया, टोहाना में इस बीमारी का असर नहीं है। वहां नरमा पिछले वर्ष से ज्यादा भी हो सकता है।

कृषि उपनिदेशक डा. अनूप सिंह ने बताया कि बीटी कॉटन पर गुलाबी, चितकबरी, अमेरिकन सुंडी इत्यादि की बीमारी नहीं लगती, लेकिन बदले मौसम के अनुरूप सफेद मक्खी का प्रकोप इस फसल को नुकसान पहुंचाता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें