खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खरखौदा में आयोजत कार्यक्रम की तर्ज पर रविवार को कितलाना टोल पर कुश्ती दंगल हुआ। कुश्ती में प्रथम स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 51 हजार, द्वितीय को 31 हजार व तृतीय स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 21 हजार रुपये देकर सम्मानित किया। कुश्ती से पहले किसानों ने तीन कृषि कानूनों को खत्म किए जाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले नौ माह से किसान कितलाना टोल पर आंदोलनरत है।
रविवार को कितलाना टोल पर किसानों का धरना जारी रहा। धरनास्थल पर कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया, जिनका उत्साह भारी बारिश के बीच भी बरकरार रहा। धरने की अध्यक्षता गंगाराम श्योराण, सूरजभान झोझू, सुरेंद्र सरपंच कुब्जानगर, राजसिंह जताई, कमल सिंह प्रधान, समुंद्र सिंह पूर्व सरपंच कितलाना, रामू कितलाना, कुलदीप, प्रेम थानेदार, राजबीर बोहरा निमड़ीवाली, शमशेर पैंतावास, बलजीत मानकावास, परमजीत, लवली सरपंच, जितेंद्र पैंवावास, मीर सिंह निमड़ीवाली, रणधीर घिकाड़ा, सुरेंद्र डोहकी, राजेश डोहकी, महासिंह पहलवान बामला, रोहताश पहलवान मिताथल, राजकुमार तालु, अजीत धनाना, सतीश पिलाना ने की। धरने पर शहीद भगत सिंह के पड़पौत्र यादवेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार को गलतफहमी हो गई है कि यह आंदोलन लंबा खींचने से किसान संघर्ष से पीछे हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। आज देश का हर वर्ग किसानों के संघर्ष में उसके साथ है। धरने को विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए हर प्रकार के षड्यंत्र रच चुकी है, लेकिन अब सरकार के समक्ष में आ चुका है कि किसान अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंनें कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी सरकार साबित हो चुकी है। पहले कृषि कानून और अब नया भूमि अधिग्रहण बिल किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा। इस अवसर पर धरने का मंच संचालन कमल सिंह प्रधान, रणधीर घिकाड़ा ने की। इस अवसर पर नरसिंह सांगवान, मा. ताराचंद, महासिंह पहलवान, बिजेंद्र बेरला, बलवंत फौगाट, रोहताश पहलवान, बलबीर बजाडम़, महंत सदानंद सरस्वती, सतीश कोच, ओम नंबरदार, राजसिंह गौरीपुर, बलबीर राशिवास, सुंदर पहलवान बामला, राजेश लक्ष्मणपुरा व सुरेंद्र पंघाल, गंगाराम श्योराण मौजूद रहे।