भिवानी। भिवानी नगर परिषद सहित लोहारू व बवानीखेड़ा की नगर पालिका कर्मचारियों ने भी वीरवार को दो दिवसीय हड़ताल का बिगुल फूंक दिया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ नगर परिषद एवं पालिका के कार्यालय कर्मचारियों ने भी हड़ताल मे पूरा समर्थन दिया। करीब 500 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
इस दौरान भिवानी नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों की कुर्सियां खाली रहीं और परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। गेट के बाहर हड़ताली कर्मचारियों ने बैठकर नारेबाजी की। वहीं मुख्य गेट भी दिनभर बंद रहा। नगर परिषद में कार्याें के लिए आने वाले लोग भी अपने जरूरी कार्यों के लिए भटकते रहे।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर करीब 500 कर्मचारी वीरवार को टूल डाउन पेन डाउन हड़ताल पर रहे। नगर पालिका कर्मचारी संघ सदस्यों ने किसी भी ब्रांच में कामकाज शुरू नहीं होने दिया। इसके चलते नगर परिषद की गृहकर शाखा, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, विवाह पंजीकरण, बिल्डिंग ब्रांच में कामकाज ठप रहा। इसके अलावा कार्यकारी अभियंता की ब्रांच में काम पूरी तरह से बंद रहा। वीरवार को नगर परिषद कार्यालय में गृहकर भरने पहुंचे लोगों को कर्मचारियों की खाली कुर्सियां देखकर वापस लौटना पड़ा। वहीं अन्य कामकाज के लिए नगर परिषद में आए कर्मचारियों को गेट पर से ही वापस लौटा दिया।
वार्डों और सड़कों पर नहीं हुई सफाई, घर-घर कूड़े का उठान भी नहीं हुआ
नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से वीरवार को शहरी वार्डों, मुख्य सड़कोंं और सार्वजनिक स्थलों पर झाड़ू से सफाई नहीं हो पाई। वहीं घर-घर कूड़ा उठान का काम भी ठप रहा। शहर से रोजाना करीब 125 टन कचरा निकलता है। मगर वीरवार को ठोस कचरा निस्तारण कंपनी ने डंपिंग प्वाइंटों से महज 40 टन कचरा भी नहीं उठान करा पाई। क्योंकि रिहायशी कॉलोनियों से कूड़ा डंपिंग प्वाइंटों तक सफाई कर्मचारी ही लाकर डालते हैं। हड़ताल की वजह से डंपिंग प्वाइंटों तक ही कूड़ा नहीं पहुंचा न ही घरों से उठान हो पाया।
इन लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं नगर परिषद व पालिका कर्मचारी
नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव, जिला प्रधान सुनील व इकाई प्रधान सुरेश ने बताया कि वीरवार से भिवानी नगर परिषद के करीब 350 कर्मचारियों को मिलाकर जिले भर में करीब 500 कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। कर्मचारी अपनी 24 सूत्रीय मांगों को लेकर टूल डाउन पेन डाउन हड़ताल पर है और कामकाज पूरी तरह ठप है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर 2022 व पांच अप्रैल 2023 के समझौते को लागू करवाने, नो वर्क नो पे के काले कानून के खिलाफ और 24 सूत्रीय मांग पत्र का समाधान करने के लिए हड़ताल की जा रही है। पुरुषोत्तम दानव ने अल्टीमेटम दिया कि शुक्रवार शाम को राज्य कार्यकारिणी की बैठक में आगामी निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल में प्रधान कमला, बाला, मनीषा व सुनीता ने भी चेतावनी दी कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी कर्मचारी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।