भिवानी। नहरी पानी के लिए अभी दस दिन और इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि 28 अप्रैल को सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आएगा। पुराना शहर पहले से ही जलसंकट से घिरा है, यहां एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति दी जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी अब पेयजल संकट पैर पसारने लगा है।
कई गांवों के जलघर टैंकों में अब नाममात्र पानी बचा है, जहां पर सप्ताह में दो से तीन दिन में एक बार ही आपूर्ति हो रही है। वहीं सिंचाई विभाग ने भी सुंदर ग्रुप की नहरों में 2250 क्यूसेक पानी की मांग मुख्यालय को भेज दी है। जिलेभर के करीब 75 गांवों के जलघर टैंक खाली होने के कगार पर हैं। अधिकांश हिस्सों में पिछले एक पखवाड़े से जलसंकट गहराया हुआ है।
सिंचाई विभाग के नहरी पानी शेड्यूल के हिसाब से पांच ग्रुपों में पूरे प्रदेश में नहरी पानी मिल रहा है। यही वजह है कि जिले में एक ग्रुप की नहरों में आठ दिन पानी चलने के बाद 32 दिन इंतजार करना पड़ता है। नहरी पानी का 40 दिन का ये चक्र गर्मियों के मौसम में हर साल जल संकट के आसार पैदा कर रहा है। भिवानी जलघर के टैंकों में नहर चलने के दौरान 28 फुट भंडारण हुआ था, लेकिन अब घटकर 18 फुट रह गया है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहरी पेयजल शाखा के अधिकारियों की मानें तो एक दिन छोड़ एक दिन की राशनिंग से तीन मई तक काम चला सकते हैं, लेकिन 28 अप्रैल को ही नहरों में पानी आता है तो मई की शुरुआत में ही शहर को जल संकट से निजात मिल सकती है और नियमित पेयजल आपूर्ति का फिर से शेड्यूल लागू हो सकता है। मगर ये सभी कयास तभी सार्थक होंगे जब नहरों में निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से पानी आएगा।
गांवों के टैंक खाली, बोरवेल उगल रहे हैं खारा पानी
जिले के कई गांवों के अंदर जलघर टैंक खाली हो चुके हैं। इन गांवों के अंदर भूमिगत बोरवेल भी खारा पानी उगल रहे हैं, जिसे पीना तो दूर दिनचर्या के कार्याें में इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है। लेकिन मजबूरी में ग्रामीण इसी पानी को गटक रहे हैं। जिले के नहरी टेल पर लगने वाले गांवों में जलघरों तक पर्याप्त नहरी पानी भी नहीं पहुंचा। इस वजह से गर्मियों की शुरुआत में ही ग्रामीण इलाके में जल संकट भी गहरा गया। ग्रामीण क्षेत्र में कुएं का पानी भी पीने लायक नहीं हैं, ऐसे में कई गांवों में कुएं के अंदर ही पंचायती बोरवेल भी लगे हैं, जो पूरे गांव की प्यास बुझा रहे हैं। इस भूमिगत पानी का टीडीएस भी गुणवत्ता के मानकों से कहीं अधिक आका जा रहा है।
सुंदर ग्रुप की नहरों में 28 अप्रैल से पांच मई तक नहरी पानी का शेड्यूल निर्धारित है। इस बार 2250 क्यूसेक पानी की मांग मुख्यालय को भेजी है। पिछली दफा भी सभी ग्रामीण जलघरों के टैंकों को पानी से भरा गया था। अब भी गर्मी के मौसम में पेयजल जरूरतों को पूरा करना प्राथमिकता रहेगी। मांग के अनुरूप ही पानी मिलने की उम्मीद है।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी यमुना जल सेवाएं परिमंडल सिंचाई विभाग।
-
पुराने शहर में एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। राशनिंग से नहरों में पानी आने तक काम चल जाएगा। जलघर के टैंकों में नहरी पानी का पर्याप्त भंडारण के बाद ही राशनिंग से छुटकारा मिलेगा। नहर आने पर जलघर के सभी टैंकों को भरने का प्रयास रहेगा, तभी नियमित आपूर्ति दे पाना संभव होगा।
-ताजदीन कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।