कैरू में शामलात भूमि पर कब्जा कर लगाई गई ग्वार की फसल।
कैरू। गांव कैरू में दो नामजद व्यक्तियों ने शामलात भूमि पर अवैध कब्जा कर आजीविका चलाने का खेल जारी रखा है। यहां आज भी ग्वार की फसल लहरा रही है। करीब 20 वर्ष पहले यह भूमि गरीबों के आशियाने के लिए सरकार द्वारा आवंटित की गई थी। लगभग 300 नामजद व्यक्तियों के नाम पर रजिस्ट्री बनी है लेकिन कब्जाधारी प्लाॅट खाली नहीं कर रहे हैं और हर वर्ष फसल की पैदावार लेते हैं।
कब्जाधारी राम स्वरूप व मुंशीराम दोनों भाई अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं और उनके भी नाम प्लाॅट आवंटित किए गए हैं। इस मामले में कैरू के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश खटीक ने एसडीएम को शिकायत दी थी और पहले इसे पंचायत में प्रस्तावित किया गया था। कब्जाधारियों को कब्जा हटाने के लिए कहा गया तो वे अन्य लोगों को धमकाते हैं।
अनुसूचित जाति और पिछड़े समाज के प्लाॅटों पर अवैध कब्जा होने से पीड़ित प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। ओमप्रकाश खटीक ने एसडीएम कोर्ट तोशाम में ज्ञापन देकर कब्जा हटाने की मांग की। तहसीलदार तोशाम के पास कब्जा हटवाने और मामले की पूछताछ की जिम्मेदारी दी गई है।
ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि तहसीलदार पुलिस फोर्स का नाम लेकर जानबूझकर कार्रवाई में देरी कर रहे हैं। हालांकि कब्जाधारियों के नोटिस पहले ही काटे जा चुके हैं। 15 दिन पहले फोन पर बातचीत में तहसीलदार ने कहा कि अभी पुलिस फोर्स नहीं मिली है लेकिन जल्द ही कब्जा हटवा दिया जाएगा। नोटिस भी दे दिया गया है।