भिवानी। नई शिक्षा नीति के तहत सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों के दाखिले किए जा रहे हैं। इसके तहत कोई भी विद्यार्थी किसी भी संकाय के विषय का चयन कर सकता है। परंतु पोर्टल पर दिए गए विषय से अलग विषय मिलने की वजह से विद्यार्थी असमंजस में हैं। इसी वजह से अभी तक अधिकतर विद्यार्थी दाखिला नहीं करवा पा रहे हैं। पोर्टल पर विभिन्न विषय दर्शाए जा रहे हैं, ऐसे में विद्यार्थी विषयों को चुनने के फेर में विद्यार्थी उलझे हुए हैं।
दरअसल, नए सत्र से नई शिक्षा नीति के तहत दाखिले किए जा रहे हैं। इसकी वजह से दाखिला पोर्टल पर केवल वही विषय ही दिखाई दे रहे हैं, जो कॉलेज की तरफ से विद्यार्थियों को दिए जाने हैं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को अगर मनपसंद विषय में दाखिला लेना है तो उन्हें कॉलेज में जाकर इसकी जानकारी हासिल करनी पड़ रही है। विद्यार्थियों की मदद के लिए सभी महाविद्यालय में खासतौर प्राध्यापकों की कमेटी गठित की गई है, जो विद्यार्थियों की विषय से संबंधित असमंजस को दूर कर रहे हैं और उनके दाखिला प्रक्रिया में पूरी मदद कर रहे हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत पोर्टल पर संकाय टूटने की वजह से विद्यार्थियों में जो उलझन है, उसे दूर करने के लिए हर कॉलेज में कमेटी गठित की गई है। हालांकि, नई शिक्षा नीति के अनुसार कोई भी विद्यार्थी किसी भी संकाय के विषय का चयन करके अपना दाखिला करवा सकता था। मगर इन सबकी वजह से विद्यार्थी कभी पोर्टल पर तो कभी कॉलेज के चक्कर काट रहे हैं।
पोर्टल पर केवल मेजर विषय दिख रहे हैं
पोर्टल पर विद्यार्थियों के लिए केवल कॉलेज की तरफ से दिए गए मेजर विषय ही दिखाए जा रहे हैं। इसके अलावा जो माइनर विषय है, उनमें विद्यार्थी कॉलेज में जाकर चयन करके दाखिला ले रहे हैं। हर कॉलेज के अलग-अलग मेजर संकाय है। जैसे कि वैश्य महाविद्यालय में आर्ट मेजर विषय है, जिसमें से केवल तीन विषय पोर्टल पर दिख रहे हैं।
दाखिला पोर्टल पर केवल मेजर विषय ही दिख रहे हैं। माइनर विषय का चयन करने के लिए विद्यार्थियों को कॉलेज में जाकर जानकारी हासिल करनी है। जिन विद्यार्थी ने अभी तक दाखिला नहीं करवाया है वह संबंधित कॉलेज में जाकर संगठित कमेटी से माइनर विषय के बारे में जानकारी लेकर अपना दाखिला करवाएं। - डॉ. संजय गोयल, प्राचार्य वैश्य महाविद्यालय।