गांव सुमराखेड़ा के राजकीय विद्यालय में जमा बारिश का पानी।
भिवानी। प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में शुक्रवार से अर्ध वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन करवाया जाएगा। लेकिन भिवानी जिले में जलभराव में बच्चों की पढ़ाई भी डूब गई। अब आधे-अधूरे पाठ्यक्रम के ज्ञान से बच्चे कैसे अर्ध वार्षिक परीक्षाएं दे पाएंगे, यह सवाल भी खड़ा हो गया है।
जलभराव की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश सरकारी स्कूल महीनों बंद रखे गए। विकल्प के तौर पर कई स्कूलों की कक्षाएं तो दूर-दराज के इलाके में लगानी पड़ी, जिसमें बच्चों की पूरी उपस्थिति भी सुनिश्चित नहीं हो पाई। ऐसे में अब इन बच्चों के सिर पर अर्ध वार्षिक परीक्षाओं का दबाव आ पड़ा है।
दरअसल, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अर्ध वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। परीक्षाएं 24 से 31 अक्तूबर तक आयाेजित होंगी। विद्यार्थियों को परीक्षाओं में अच्छे अंकों के लिए विभाग द्वारा अध्यापकों को सिलेबस रिवाइज करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षाएं ढंग से पूरी करवाने के लिए विभाग द्वारा सभी राजकीय स्कूल को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
साथ ही, इस मामले में किसी भी तरह की कोताही न बरतने के सख्त आदेश है। अर्ध वार्षिक परीक्षा के अंक एमआइएस पोर्टल पर अपलोड करवाने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रभारी को दी गई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि विद्यार्थी बिना तैयारी के कैसे परीक्षा देंगे? क्योंकि इस बार मानसून के कारण स्कूलों में हुए जलभराव के कारण नियमित रूप से विद्यार्थियों की कक्षाएं नहीं लग पाई है।