भिवानी। 30 साल पुराने मुख्य पेयजल लाइन में लीकेज की वजह से पूरे शहर में दूषित पानी की आपूर्ति का खतरा मंडरा रहा है। ये लीकेज पुराना जलघर के अंदर टैंकों के बिलकुल करीब है। इस वजह से समस्या और भी गंभीर बनी है, क्योंकि यहीं से पुराने शहर के अंदर पानी की आपूर्ति दी जा रही है। हैरानी की बात तो यह भी है कि मुख्य पेयजल लाइन के ऊपर से महज चार इंची के फासले पर ही एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पाइपलाइन भी गुजर रही है।
हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लीकेज ढूंढने के बाद उसका समाधान की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है। ये लीकेज काफी अर्से बाद पकड़ में आई है, अधिकारी इससे पहले भी इस लीकेज को ठीक कर चुके हैं, मगर फिर से इन जगह पर दोबारा लीकेज हो गई है। अबकी बार अधिकारी स्थायी तौर पर लीकेज बंद करने के प्रयासों में जुटे हैं।
शहर के महम रोड स्थित पुराने जलघर के टैंकों के बिलकुल समीप पुराने शहर के अंदर पेयजल आपूर्ति के लिए 18 इंची व दो 12 इंची की मुख्य पेयजल लाइन गुजरती हैं। टैंकों के समीप से ही दोनों 12 इंची की पेयजल लाइनें लीकेज मिली हैं। ये लाइनें करीब तीस साल पुरानी बताई जा रही हैं। जलघर के टैंकों के समीप ही डिस्पोजल बना हुआ है, जहां से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की 24 इंची लाइन जलघर के टैंकों के बेहद करीब से होकर गुजरती है। ये लाइन लीकेज लाइन के ऊपर से भी गुजर रही है। गंदे पानी और पीने की मुख्य लाइनों की क्रॉसिंग के बीच महज चार इंच का फासला है। लघु सचिवालय के डिस्पोजल से ढाणा रोड एसटीपी ताक जाने वाली 24 इंची गंदे पानी की लाइन करीब चार किलोमीटर दूर तक ढाणा रोड पर गंदे नाले में मिलती है। जबकि पुराने जलघर के वाटर टैंकों से निकलने वाली 12 इंची की मुख्य पेयजल लाइन मुख्य जलघर के मेन चैंबर से होते हुए जिला दमकल कार्यालय, चंद्रशेखर आजाद चौक, कमला भवन, पुराना बस स्टैंड से सरकुलर रोड से घंटाघर पानी की टंकी तक पहुंचती है। यहीं लाइन फिर कृष्णा कॉलोनी क्षेत्र तक पहुंचती है।
शहर के इन हिस्सों में होती है इसी लाइन से पानी की आपूर्ति
पुराना जलघर से मुख्य पेयजल लाइन के जरिए ही शहर के घंटाघर की पानी की टंकी, कृष्णा कॉलोनी, हालु जोन, लोहड़ जोन जिसके अंदर पुराने शहर की लगभग सभी कॉलोनियां व मुख्य बाजार भी आते हैं। पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इसी के साथ हांसी गेट, घंटाघर, पुराना बस स्टैंड, कमला नगर में भी इसी लाइन से पानी की आपूर्ति हो रही है। शहरी बूस्टरों को भरने के साथ-साथ दोनों समय की पेयजल सप्लाई भी इसी लाइन के जरिए दी जा रही है।
टैंकों के समीप चल रहा है नवनिर्माण का काम
जहां पर मुख्य पेयजल लाइन में लीकेज मिली हैं, वहीं पर दो पुराने टैंक तोड़कर नवनिर्माण का काम भी चल रहा है। इन टैंकों में निर्माण सामग्री लेकर भारी वाहन भी गुजर रहे हैं, जिस वजह से पानी की टैंकों के बेहद करीब से जा रही लाइनों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बना है। अगर मुख्य पानी की लाइन यहीं से लीकेज होंगी तो फिर पूरी सप्लाई पर ही दूषित पानी की आपूर्ति का भी संकट गहरा जाएगा।
वर्जन:::
दो पुरानी 12 इंची लाइन में लीकेज मिली हैं, इन्हीं लाइनों के करीब एसटीपी की बड़ी लाइन क्रॉस हो रही है। लीकेज ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। हमारा प्रयास है कि एसटीपी की मुख्य लाइन से पानी की मुख्य लाइन को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए।
- देवेंद्र सांगवान, ठेकेदार पब्लिक हेल्थ विभाग।
वर्जन:::
मुख्य पेयजल लाइन की लीकेज ढूंढने के बाद उसे ठीक कराने का काम चल रहा है। पहले भी यहां लीकेज मिली थी, अब लीकेज का स्थायी समाधान किया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो। ये लाइन करीब तीस साल पुरानी हैं, इन्हीं से अधिकांश पुराने शहर में पानी की आपूर्ति हो रही है।
- सचिन कुमार कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा भिवानी।