भिवानी। नहरी पानी की कमी की वजह से गहराए जल संकट से लोगों को राहत देने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग टैंकरों के सहारे पानी की आपूर्ति करने में जुटा है। रोजाना शहर की बाहरी कॉलोनियों में 25 से 30 पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। मगर फिर भी कई कॉलोनियों के अंदर लोगों की प्यास नहीं बुझ रही है। जलघर के टैंक सूख चुके हैं। डॉबर कॉलोनी के टैंक भी सूखने के कगार पर हैं, जबकि निनान जलघर में थोड़ा बहुत पानी बचा है। जिसके जरिए पुराने शहर के अंदर एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति हो रही है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में पूरी तरह से पानी के टैंकरों पर ही व्यवस्था टिकी है, वहीं जल संकट के बीच प्राइवेट पानी टैंकर संचालक भी खूब चांदी कूट रहे हैं।
सिंचाई विभाग के शेडयूल के हिसाब से 18 मार्च की शाम तक नहरों में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पांच दिनों तक नहरी पानी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। गर्मी भी लगातार बढ़ने लगी है। यही वजह है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी के संकट से उबरने के लिए शहर में पानी की टैंकर सप्लाई शुरू कर दी है। महम रोड पुराने जलघर से रोजाना करीब 25 से 30 पानी के टैंकर शहर की विभिन्न कॉलोनियों में भेजे जा रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के पास छह पानी के टैंकर हैं, जबकि एक पानी का टैंकर नगर परिषद का है। इसी तरह दो पानी के टैंकर निजी संस्था द्वारा दिए गए हैं। ये सभी टैंकर सुबह से शाम तक शहर की अलग अलग कॉलोनियों के अंदर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।
इन कॉलोनियों में टैंकर के सहारे पानी की आपूर्ति
शहर की जीतुवाला रेलवे फाटक लाइनपार की दुर्गा कॉलोनी, दिनोद रोड, उत्तम नगर, पीपलीवाली जोहड़ी क्षेत्र, नेताजी नगर, आंबेडकर कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, सिटी स्टेशन, टिब्बा बस्ती अमर नगर, बैंक कॉलोनी, त्रिवेणी जोहड़ी क्षेत्र, हुन्नामल प्याऊ क्षेत्र, कीर्ति नगर में पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
टैंकर से पानी भरने पर भी महिलाओं के बीच हो रहा घमासान
जिन कॉलोनियों में जल संकट गहराया हुआ हैं वहीं पानी के टैंकर से पानी भरने के दौरान भी महिलाओं के बीच घमासान हो रहा है। महिलाएं पहले पानी भरने की होड़ में आपस में झगड़ती हैं। ऐसे में बर्तनों को लेकर भी महिलाओं के बीच पानी भरने को लेकर काफी तनाव पैदा हो रहा है। ऐसे में टैंकर चालकों को भी खासी दिक्कतें होती हैं।
प्राइवेट टैंकर पानी के वसूल रहे 800 से एक हजार
प्राइवेट पानी के टैंकर के लिए 800 से एक हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। जल सकट के दौरान पानी की डिमांड भी काफी बढ़ गई है। इस वजह से प्राइवेट पानी के टैंकरों का काम भी काफी बढ़ गया है। वे शहर से बाहर की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई को लेकर भी आनाकानी कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें नजदीक पानी पहुंचाने में ही अच्छे खासे पैसे मिल रहे हैं।
वर्जन:::
पानी की दिक्कत को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग टैंकरों के सहारे पानी की आपूर्ति कर रहा है। जिन शहरी वार्डों से पार्षदों या फिर कर्मचारियों द्वारा कोई डिमांड की जाती हैं वहां पर तुरंत पानी का टैंकर भिजवा दिया जाता है। शहर के जिन हिस्सों में पानी की ज्यादा दिक्कत है वहां पर भी नियमित पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
- प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।